चंडीगढ़, बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में पंजाब के वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मायावती ने स्पष्ट किया कि बीएसपी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तर्ज पर पंजाब में भी किसी भी दल से बिना किसी समझौते के अकेले ही चुनाव मैदान में उतरेगी।
बूथ स्तर को मजबूत करने पर जोर
बैठक के दौरान मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि चुनावों में केवल मेहनती और ईमानदार उम्मीदवारों को ही प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व के गठबंधनों से पार्टी को कई बार नुकसान उठाना पड़ा है, इसलिए अब संगठन को पूरी तरह मजबूत करते हुए पोलिंग बूथ स्तर पर कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने राज्य की मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार और अन्य विरोधी दलों पर जनता की उम्मीदों पर खरा न उतरने का गंभीर आरोप लगाया।
पंजाब में बीएसपी का राजनीतिक इतिहास
पंजाब की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी का गठबंधन का पुराना इतिहास रहा है। पार्टी ने अतीत में शिरोमणि अकाली दल और अन्य दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, हालांकि 2024 के लोकसभा चुनावों में भी बीएसपी ने सभी सीटों पर अकेले ही मुकाबला किया था। अब 2027 के विधानसभा चुनावों में पूरी ताकत के साथ उतरने का यह निर्णय पार्टी के जनाधार को राज्य में और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

