
जबलपुर। पिछले एक सप्ताह से जारी रुक-रुक कर बारिश के सिलसिले ने अब शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कल रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद शनिवार को सुबह से ही लगातार रिमझिम फुहारें गिरती रही, आसमान में घने काले बादल छाए रहने के कारण दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। इस लगातार बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया। शहर के मुख्य चौराहों से लेकर पॉश कॉलोनियों और रिहायशी इलाकों तक, हर जगह सिर्फ पानी ही पानी नजर आया । कई सडक़ों पर दो से तीन फीट तक पानी जमा हो जाने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। रिमझिम बारिश और जलजमाव के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। चौबीस घंटे में 55.7 मिमी बारिश दर्ज हुई। जबकि मानसून सीजन में बारिश का आंकड़ा 526.2 मिमी पर पहुच गया है।
घरों, दुकानों में घुसा पानी
इस भारी बारिश ने नगर निगम मानसून तैयारियों के दावों की हवा भी निकाल दी शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। नालियों और बड़े नालों के चोक होने के कारण गंदा पानी लोगों के घरों और दुकानों के अंदर घुस गया। चेरीताल, पंजाब बैंक कॉलोनी, जगदंबा कॉलोनी, घमापुर, गढ़ा बेदीनगर, गायत्री नगर, दानव बाबा पहड़ाी के पीछे, चंदन कॉलोनी, धनवतरि नगर, हाथीताल कॉलोनी आनंद नगर में जलभराव के हालात बने।
अलर्ट मोड में निगम टीम, महापौर, निगमायुक्त ने स्वयं संभाला मोर्चा
नागरिकों को बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर निगम पूरी प्रतिबद्धता के साथ मैदान में उतर आया है। शहर के किसी भी क्षेत्र में पानी न भरे, इसके लिए महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, क्षेत्रीय पार्षद, निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार एवं अपर आयुक्तों के साथ अन्य अधिकारी गण मैदान में उतर आए हैं। इस दौरान सभी लोगों ने खुद मोर्चा संभालते हुए विभिन्न इलाकों का सघन निरीक्षण किया। जल निकासी व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए निगम ने प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त मशीनरी, सक्शन मशीनें और उच्च क्षमता वाले पंप तैनात किए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी जलभराव की शिकायत मिलते ही तत्काल मशीनरी भेजकर पानी निकासी सुनिश्चित की जाए।
गंगा नगर में जलभराव , पहुंचे पार्षद, अधिकारी
गंगा नगर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति का जायजा लेने पार्षद जीतू कटारे,अपर आयुक्त देवेन्द्र चौहान एवं अशफाक परवेज कुरैशी सौरभ मिश्रा, अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव आदि पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर जल निकासी के कार्य को अपनी देखरेख में पूरा कराया, जिससे क्षेत्रवासियों को तत्काल राहत मिली।
स्कूल में लबालब भरा पानी
हितकारिणी कन्या शाला बी टी तिराहा गढ़ा के प्रांगण में लबालब पानी भर जाने से छात्राओं और शिक्षिकाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बांध के 13 गेटों से छोड़ा जा रहा पानी
रानी अवंति बाई लोधी सागर परियोजना बरगी बाँध के जल स्तर को नियंत्रित करने बाँध के 13 जल द्वारों सेे 3 हजार 988 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। सभी 13 गेट को औसत ऊँचाई 2.15 मीटर तक खोला गया है। घाट जलमग्न हो गए। मंदिर डूब गए है। दुकानों में पानी भर गया है।
