
बालाघाट, बैहर विधानसभा क्षेत्र में दूषित जल और संक्रमण से प्रभावित गांवों में बीमारी की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। शनिवार, 22 अगस्त को पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने एक बार फिर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी हालात का जायजा लिया। उन्होंने कुंडेकसा, बोनदारी, अडोरी, मछुर्दा सहित अन्य प्रभावित गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों और मरीजों से मुलाकात की तथा उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
मुंजारे ने कुंडेकसा में बीमारी से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए बनाए गए अस्थायी अस्पताल का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति देखी और मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे उपचार की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है।
उन्होंने विशेष रूप से अस्पताल में मरीजों को लाने-ले जाने के लिए स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीमारी से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को उनके परिजन पीठ पर उठाकर अस्पताल तक ले जाने के लिए मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में प्रशासन की स्वास्थ्य व्यवस्था और तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
पूर्व सांसद ने कहा कि क्षेत्र में बीमारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। लगातार नए मरीज सामने आ रहे हैं और मौतों का सिलसिला भी थम नहीं रहा है। ऐसे में केवल स्थानीय स्तर की स्वास्थ्य व्यवस्था के भरोसे स्थिति को नियंत्रित करना मुश्किल है। उन्होंने सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
मुंजारे ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में बड़ी संख्या में बैगा आदिवासी परिवार निवास करते हैं, जिन्हें बेहतर और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बाहर से अनुभवी एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बुलाकर प्रभावित ग्रामीणों का समुचित उपचार कराया जाए। साथ ही पर्याप्त दवाइयां, जांच की सुविधाएं, एंबुलेंस और स्ट्रेचर सहित सभी आवश्यक स्वास्थ्य संसाधन तत्काल उपलब्ध कराए जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार को बीमारी की गंभीरता को समझते हुए युद्धस्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और ग्रामीणों की जान बचाई जा सके।
