
ओंकारेश्वर, श्रावण मास के अंतिम सोमवार 18 अगस्त 2026 को ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर भगवान की शाही महासवारी धूमधाम से निकलेगी। इस दौरान एक लाख से अधिक भक्तों के शामिल होने की संभावना है।
ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर भगवान दोपहर 2 बजे सजी हुई पालकी में ढोल-धमाकों के साथ ओंकारेश्वर मंदिर से रवाना होंगे। कोटि तीर्थ घाट पर पंडित राजेश्वर दीक्षित के नेतृत्व में वेद मंत्रों के साथ भगवान की पंचमुखी प्रतिमा का महाभिषेक किया जाएगा। इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक दृष्टि राजा राव और पुष्पेंद्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
पूजन-अभिषेक के बाद गुलाल और गुलाब उड़ाया जाएगा, आरती होगी और भगवान को नौका विहार कराया जाएगा। इसी तरह दक्षिण तट पर ममलेश्वर मंदिर से ममलेश्वर भगवान की पालकी निकलेगी जो गोमुख घाट पहुंचेगी। वहां पूजा-अर्चना और आरती के बाद उन्हें भी नौका विहार कराया जाएगा।
*शाही महासवारी का भव्य स्वरूप*
गोमुख घाट पर दोनों पालकियों के मिलने के बाद शाही महासवारी विशाल रूप लेगी। सवारी में 4 बैंड, 101 ढोल, ऊंट, नाचते घोड़े, हाथी, तोप और भजन मंडलियां व आकर्षक झांकियां शामिल रहेंगी।
भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर पालकी में सवार होकर भक्तों को दर्शन देते हुए आगे बढ़ेंगे। मार्ग में भक्त गुलाल, गुलाब की पंखुड़ियां उड़ाकर और कपूर आरती कर स्वागत करेंगे। जगह-जगह प्रसाद वितरण होगा, कहीं मोरधन की खीर, कहीं साबूदाने की खिचड़ी तो कहीं छप्पन भोग लगाया जाएगा।
दोनों भगवान की सवारी रात 10 बजे जेपी चौक पहुंचेगी। वहां से ममलेश्वर भगवान ममलेश्वर मंदिर के लिए रवाना होंगे और ओंकारेश्वर भगवान पुल पार कर मुख्य बाजार होते हुए रात 11 बजे वापस मंदिर पहुंचेंगे।
*सुरक्षा के कड़े इंतजाम*
एसपी अगम जैन के निर्देश पर सुरक्षा के लिए 300 पुलिस जवान तैनात रहेंगे। कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के निर्देश पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। पानी, बिजली और सफाई की व्यवस्था नगर परिषद करेगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सवारी में व्यवधान पैदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
