
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने वर्ष 2012-13 से 2026-27 के बीच प्रदेश के 33 जिलों में हुए प्रमुख शराब टेंडरों की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच और व्यापक ऑडिट कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब कारोबार में कुछ चुनिंदा कंपनियों का लगातार वर्चस्व बना हुआ है।
राज्य सरकार को लिखे पत्र में पटवारी ने कहा कि कथित तौर पर चार समूह प्रदेश के करीब 70 प्रतिशत शराब बाजार को नियंत्रित कर रहे हैं। उनका आरोप है कि यही कंपनियां वर्षों से कई जिलों में बार-बार टेंडर हासिल करती रही हैं। यदि यह पैटर्न जांच में सही पाया जाता है, तो इससे टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते हैं।
उन्होंने सवाल किया कि ऑनलाइन टेंडर व्यवस्था लागू होने के बावजूद ऐसी स्थिति क्यों बनी रही। उन्होंने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की कार्रवाई के बाद हुए घटनाक्रम की भी जांच की मांग करते हुए यह पता लगाने को कहा कि क्या इसके बाद बाजार में प्रतिस्पर्धा सीमित हुई।
पटवारी ने टेंडर हासिल करने वाली कंपनियों, संबंधित जिलों, अनुबंध अवधि, बोली, पात्रता मानदंड और चयन प्रक्रिया का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। साथ ही संभावित कार्टेल, मिलीभगत तथा अधिकारियों और कंपनियों के बीच कथित संबंधों की जांच कराने को कहा।
उन्होंने वास्तविक शराब टेंडर राजस्व और अधिक प्रतिस्पर्धा की स्थिति में संभावित राजस्व के अंतर का आकलन कराने की भी मांग की। पटवारी ने कहा कि यह जनहित से जुड़ा मामला है और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।
