नई दिल्ली, भारत और फिनलैंड ने द्विपक्षीय व्यापार और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देते हुए ‘इंडिया सर्कुलर इकोनॉमी फोरम’ (ICEF) 2026 में सस्टेनेबल विकास के नए रोडमैप पर चर्चा की है। नई दिल्ली में आयोजित इस दो दिवसीय फोरम का मुख्य उद्देश्य भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक संबंधों का लाभ उठाकर औद्योगिक कचरे को कम करना और एक टिकाऊ मूल्य श्रृंखला का निर्माण करना है।
व्यापारिक आंकड़ों में ऐतिहासिक वृद्धि
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत और फिनलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार में शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दोनों देशों का आपसी व्यापार सालाना आधार पर 25 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ 3.70 अरब डॉलर यानी लगभग 30,800 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। फिनिश कंपनियों द्वारा स्वच्छ ऊर्जा और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में लगातार निवेश बढ़ाया जा रहा है।
भविष्य की रणनीतियां और सहयोग
यह फोरम आगामी ‘वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम’ (WCEF) 2026 का अग्रदूत है, जो दक्षिण एशिया में पहली बार 15 से 18 सितंबर 2026 तक गांधीनगर, गुजरात में आयोजित होने जा रहा है। दोनों देशों के बीच हुए इन साझा प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आर्थिक मुनाफे को भी नई रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद है।

