
इंदौर. नगर निगम के फर्जी टेंडर और वर्क ऑर्डर से जुड़े करीब 103 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 21 सितंबर को विशेष पीएमएलए कोर्ट में अहम सुनवाई होगी. ईडी की ओर से 31 आरोपियों के खिलाफ दाखिल परिवाद पर कोर्ट में संज्ञान को लेकर बहस होगी.
ईडी ने 24 जुलाई 2026 को जांच पूरी करने के बाद 31 आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए की धारा 3 सहपठित धारा 4 के तहत परिवाद पेश किया था. जांच एजेंसी का आरोप है कि नगर निगम में फर्जी टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी किए. इनके आधार पर सरकारी राशि जारी हुई, जबकि संबंधित काम वास्तव में नहीं किए. एजेंसी के मुताबिक इस प्रक्रिया से करीब 103 करोड़ रुपए अपराध की आय के रूप में अर्जित किए. परिवाद के साथ ईडी ने आरोपियों की संपत्तियों और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज भी कोर्ट में पेश किए हैं. इन रिकॉर्ड के जरिए कथित अपराध की आय और उसके लेन-देन की कड़ियों को जांच का हिस्सा बनाया गया है. 21 सितंबर की सुनवाई के बाद मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट होगी.
इसी प्रकरण में कारोबारी राहुल बडेरा और नगर निगम के तत्कालीन अधिकारी अभय सिंह राठौर की जमानत याचिकाएं 19 अगस्त को खारिज हो चुकी हैं. दोनों ने जांच पूरी होने और परिवाद दाखिल किए जाने को जमानत का आधार बनाया था, लेकिन कोर्ट ने उपलब्ध सामग्री और पीएमएलए की जमानत संबंधी कसौटियों के आधार पर राहत देने से इनकार कर दिया. अब 31 आरोपियों वाले परिवाद पर होने वाली सुनवाई मामले का अगला अहम पड़ाव होगी.
