जबलपुर: प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मंजुल सिंह की अदालत ने एनजीओं की आड़ में किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर 22 लाख की धोखाधड़ी के आरोपी ओडिशा अंतर्गत कटक निवासी जयंत साहू की जमानत अर्जी निरस्त कर दी। उसे विजय नगर जबलपुर की पुलिस कटक से गिरफ्तार कर जबलपुर लाई थी। जिसके बाद से वह जेल में बंद है।आपत्तिकर्ता विजय नगर लमटी जबलपुर निवासी महेश परियानी की ओर से जमानत का विरोध किया गया।आपत्तिकर्ता की ओर से दलील दी कि आपत्तिकर्ता की पत्नी बीमार थी। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए परेशान था। इसी दौरान आरोपी से मुलाकात हुई। उसने एनजीओ संचालन का हवाला दिया। साथ ही किश्तों में 22 लाख ले लिए। कुछ समय बाद बातचीत बंद कर दी। इससे ठगे जाने की एहसास हो गया। जिसके बाद विजय नगर थाने में अपराध दर्ज कराया।
विजय नगर पुलिस कटक पहुंची और आरोपिक को अरेस्ट कर लिया। जेल में बंद आरोपी जमानत चाहता है। इस तरह के धोखेबाज को समाज में खुला नहीं छोड़ा जा सकता। अदालत ने तर्क से सहमत होकर जमानत से इनकार कर दिया। आपत्तिकर्ता की ओर से जांच अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल खड़ा किया गया। पांच लाख लेकर मामला रफा-दफा करने के दबाव की बात कही गई। इस सिलसिले में एसपी से शिकायत की गई है। आपत्तिकर्ता की मांग है कि आरोपियों की संख्या और धाराएं बढ़ाई जाएं। अस्पताल के व्यवसाय से जुड़े लोगों पर भी शिकंजा कसने पर बल दिया गया
