दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली ने 2030 तक अमेरिका से युद्धकालीन सैन्य नियंत्रण वापस लेने के प्रयास तेज किये

सोल, 18 अगस्त (वार्ता) दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने 2030 में अपना कार्यकाल समाप्त होने से पहले अमेरिका से देश की सेना का युद्धकालीन परिचालन नियंत्रण वापस हासिल करने की अपनी योजना को दोहराया है। इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण कोरिया के परमाणु संचालित पनडुब्बी कार्यक्रम में तेजी लाने का आह्वान किया है।

योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को कैबिनेट की बैठक को संबोधित करते हुए श्री ली ने कहा कि सरकार की मूल योजना के अनुरूप उनके राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान युद्धकालीन परिचालन नियंत्रण (ओपीसीओएन) का हस्तांतरण पूरा किया जाना चाहिए।

श्री ली ने अमेरिका के साथ अपने गठबंधन को बनाये रखने और मजबूत करने के साथ-साथ दक्षिण कोरिया की स्वतंत्र रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के प्रयासों का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, “जब गठबंधन मजबूत होगा, तो सुरक्षा की नींव मजबूत होगी।”

राष्ट्रपति ने कहा कि दक्षिण कोरिया की अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने से अमेरिकी सहयोगी के रूप में इसका महत्व बढ़ जायेगा। उनकी यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उत्तर कोरियाई नेता किम जोोंग उन के साथ बेहतर संबंधों का हवाला देते हुए पेंटागन को दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यासों को काफी कम करने का आदेश देने के तुरंत बाद आयी है।

सहयोगियों ने सोमवार को अपना वार्षिक ‘उल्ची फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास शुरू किया। 10 दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास का उद्देश्य उत्तर कोरिया के साथ संभावित संघर्ष का जवाब देने के लिए सहयोगियों की तैयारी मजबूत करना है।

श्री ली ने कहा कि युद्धकालीन परिचालन नियंत्रण का हस्तांतरण आवश्यक था, क्योंकि युद्ध की प्रकृति हाइब्रिड रूपों की ओर विकसित हो रही है और वैश्विक सुरक्षा वातावरण तेजी से बदल रहा है।

950-53 के कोरियाई युद्ध के दौरान दक्षिण कोरिया का युद्धकालीन परिचालन नियंत्रण अमेरिका के नेतृत्व वाले संयुक्त राष्ट्र कमान को स्थानांतरित कर दिया गया था। बाद में 1978 में इसे दक्षिण कोरिया-अमेरिका संयुक्त बल कमान के तहत रखा गया था।

सोल ने 1994 में शांतिकालीन परिचालन नियंत्रण वापस पा लिया था, लेकिन युद्धकालीन नियंत्रण संयुक्त बल कमान के प्रमुख अमेरिकी फोर-स्टार जनरल के कमान में बना हुआ है। युद्धकालीन ओपीसीओएन का हस्तांतरण लगातार दक्षिण कोरियाई सरकारों के लिए दीर्घकालिक लक्ष्य रहा है, लेकिन सोल की सैन्य तैयारी और कोरियाई प्रायद्वीप पर सुरक्षा वातावरण पर सवालों के बीच बार-बार विलंबित हुआ है।

वर्तमान अभ्यासों से अधिक परिचालन जिम्मेदारी संभालने के लिए दक्षिण कोरिया की तैयारी का आकलन करने में भूमिका निभाने की उम्मीद थी। श्री ली ने अधिकारियों को देश की स्वतंत्र रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के व्यापक प्रयास के तहत परमाणु संचालित पनडुब्बियों को हासिल करने की योजनाओं में तेजी लाने का भी निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि भविष्य के संघर्षों में एकीकृत संचालन करने में सक्षम सैन्य नेताओं की आवश्यकता है, इसलिए दक्षिण कोरिया की तीन सैन्य अकादमियों को एक ही संस्थान में एकीकृत करने की योजना बिना किसी हिचकिचाहट के आगे बढ़नी चाहिए।

अधिक सैन्य स्वतंत्रता के लिए नया दबाव ऐसे समय में आया है, जब श्री ट्रम्प ने उत्तर कोरिया के साथ बातचीत को बढ़ावा देते हुए अमेरिका-दक्षिण कोरियाई सैन्य अभ्यासों के पैमाने को कम करने का प्रयास किया है।

श्री ट्रम्प ने कहा कि उत्तर कोरिया का रवैया ‘गैरआक्रामक और सम्मानजनक’ रहा है और उन्होंने श्री किम के साथ अपने अच्छे संबंधों का उल्लेख किया।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने मंगलवार को कहा कि जारी अभ्यास का उद्देश्य उत्तर कोरिया पर हमला करना या कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव बढ़ाना नहीं है। इसका मौलिक उद्देश्य दक्षिण कोरियाई लोगों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण दैनिक जीवन की रक्षा करना है।

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