
रतलाम। शहर के व्यस्त दो बत्ती चौराहे की चौपाटी सोमवार को निगम की कार्रवाई के दौरान विरोध हुआ। नगर निगम का अमला तीन जेसीबी और कर्मचारियों के साथ चौपाटी खाली कराने पहुंचा। टीम ने 50 से अधिक ठेले और दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
अधिकांश दुकानदारों ने सामान और ठेले हटा लिए, लेकिन बाद में निगम की जेसीबी ने चौपाटी पर बने सीमेंट-कॉन्क्रीट के अस्थायी ढांचों को तोडऩा शुरू किया तो विरोध शुरू हो गया। कार्रवाई का विरोध कर रहे कुछ दुकानदार इतने नाराज हुए कि वे चलती जेसीबी पर ही चढ़ गए और कार्रवाई रुकवा दी। दुकानदारों का कहना था कि नगर निगम ने उन्हें पहले से कोई सूचना या नोटिस नहीं दिया और अचानक कार्रवाई शुरू कर दी।
विरोध बढऩे पर निगम अधिकारियों ने स्टेशन रोड थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के बाद दुकानदारों ने अधिकारियों के सामने अपनी मांग रखी। उन्होंने कहा कि उन्हें नगर निगम आयुक्त अनिल भाना से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए। दुकानदारों ने आयुक्त से चर्चा होने तक कार्रवाई रोकने की मांग की। इसके बाद प्रशासन और पुलिस की सहमति से निगम की कार्रवाई करीब आधे घंटे के लिए रोक दी गई।
मयंक जाट सहित कांग्रेस नेताओं ने दिया धरना: कार्रवाई की जानकारी मिलने पर युवक कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट सहित कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंच गए। कांग्रेस नेताओं ने निगम की कार्रवाई का विरोध करते हुए धरना दिया। उनका कहना था कि दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई से पहले उन्हें उचित सूचना देने के साथ अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।
कार्रवाई के दौरान गहमागहमी की स्थिति बनी
दो बत्ती चौपाटी पर निगम की कार्रवाई के दौरान दुकानदारों के विरोध, जेसीबी रोकने की कोशिश और कांग्रेस नेताओं के धरने के कारण मौके पर काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
