
मुंबई की ऑडिट फर्म केकेसी एंड एसोसिएट्स एलएलपी ने यह ऑडिट रिपोर्ट तैयार की है। वित्त वर्ष की शुरुआत में पीएम केयर्स फंड के पास बैंकों में कुल 7,173 करोड़ रुपये की राशि थी। इसमें 531 करोड़ रुपये बचत खातों में और 6,642 करोड़ रुपये सावधि जमा खातों में थे। पीएम केयर्स फंड से विभिन्न कामों के लिए जिन एजेंसियों को पैसे दिये गये थे उन्होंने उनमें से 325 करोड़ रुपये कोष को वापस लौटा दिये। हालांकि ऑडिट रिपोर्ट में इसका विस्तृत विवरण या कारण नहीं दिया गया है। वहीं, वित्त वर्ष के दौरान पीएम केयर्स से बच्चों की योजनाओं के लिए 87.85 करोड़ रुपये जारी किये गये। बैंक शुल्क और एसएमएस शुल्क के रूप में 451 रुपये खर्च किये गये।
वित्त वर्ष 2024-25 की समाप्ति पर पीएम केयर्स में 8,452 करोड़ रुपये थे। इनमें 7,847 करोड़ रुपये सावधि जमा खातों में और 605 करोड़ रुपये बचत खातों में थे। कुल जमा राशि में 1,279 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल के दौरान प्रधानमंत्री राहत कोष से इतर गठित इस कोष को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार जारी है। विपक्ष इसे सरकारी ऑडिटर कैग के दायरे में लाने की मांग करता रहा है। प्रधानमंत्री पीएम केयर्स फंड के पदेन अध्यक्ष होते हैं। वहीं, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री सरकार की तरफ से फंड के पदेन न्यासी होते हैं। प्रधानमंत्री ने पीएम केयर्स फंड के न्यास मंडल के अध्यक्ष के नाते सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति के.टी. थॉमस और पूर्व सांसद करिया मुंडा को न्यासी नामित किया है।
