पंचकूला, 18 अगस्त (वार्ता) उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की सक्रियता बनी रहने के बीच हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली और पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में 18 अगस्त और फिर 21 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि पंजाब में 18 और 19 अगस्त को भारी वर्षा हो सकती है।
राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र की ओर से 18 अगस्त को सुबह 8.35 बजे जारी अखिल भारतीय मौसम सारांश एवं पूर्वानुमान बुलेटिन के अनुसार पंजाब में 18 अगस्त को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 18 अगस्त तथा दोबारा 21 और 22 अगस्त को काफी व्यापक से व्यापक बारिश होने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 18 से 22 अगस्त तथा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 23 अगस्त के दौरान काफी व्यापक से व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
आईएमडी के अनुसार हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 18 अगस्त तथा 21 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पंजाब में 18 और 19 अगस्त, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 18 से 20 अगस्त, हिमाचल प्रदेश में 19 से 21 अगस्त और उत्तराखंड में 18 से 23 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान है।
आईएमडी की 18 अगस्त की दिनवार चेतावनी के अनुसार हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।
वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। पंजाब, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, केरल एवं माहे, तमिलनाडु-पुडुचेरी एवं कराईकल, पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
देश में 18 अगस्त की सबसे तीव्र बारिश की चेतावनी झारखंड के लिए है। वहां अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
बारिश का स्वरूप 19 अगस्त को कुछ बदलेगा। आईएमडी ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। असम एवं मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, तमिलनाडु-पुडुचेरी एवं कराईकल और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भी भारी वर्षा की संभावना है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। हालांकि आईएमडी की 19 अगस्त की दिनवार चेतावनी में हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली को भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में शामिल नहीं किया गया है।
20 अगस्त को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, बिहार, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का अनुमान है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।
हरियाणा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 21 अगस्त को बारिश की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो सकती हैं। आईएमडी ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 21 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है।
इस दिन हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।
आईएमडी की 22 अगस्त की दिनवार चेतावनी में पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख को 22 अगस्त की भारी वर्षा चेतावनी में शामिल नहीं किया गया है।
उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में भारी वर्षा का सबसे लंबा दौर रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 18 से 23 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर प्रतिदिन भारी वर्षा हो सकती है। इसी अवधि में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक की भी संभावना है।
आईएमडी की दिनवार चेतावनी में उत्तराखंड में 23 और 24 अगस्त को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया गया है।
मौसम विभाग के विश्लेषण के मुताबिक उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्र के ऊपर समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
मानसून की द्रोणिका समुद्र तल पर फिरोजपुर, देहरादून, गोरखपुर और पटना से होते हुए झारखंड तथा उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों पर बने अवदाब के केंद्र से गुजर रही है और वहां से दक्षिण-पूर्व दिशा में उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
जम्मू संभाग और आसपास के क्षेत्र के ऊपर समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र के ऊपर भी एक अन्य ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण कायम है।
आईएमडी के अनुसार उत्तरी गंगीय पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्र पर बना अवदाब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 18 अगस्त को सुबह 5.30 बजे झारखंड तथा उससे सटे उत्तरी गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर केंद्रित था। इसके अगले 24 घंटों में झारखंड और बिहार से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक 17 अगस्त सुबह 8.30 बजे से 18 अगस्त सुबह 5.30 बजे के बीच हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अधिकांश स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। इसी अवधि में पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में कई स्थानों पर वर्षा हुई।
आईएमडी के सात दिन के वर्षा पूर्वानुमान के अनुसार हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली में 18 अगस्त को काफी व्यापक, 19 और 20 अगस्त को छिटपुट, 21 और 22 अगस्त को फिर काफी व्यापक तथा 23 और 24 अगस्त को छिटपुट बारिश का अनुमान है।
पंजाब में 18 अगस्त को काफी व्यापक बारिश और इसके बाद 19 से 24 अगस्त तक छिटपुट वर्षा का पूर्वानुमान है। हिमाचल प्रदेश में 18 और 19 अगस्त को व्यापक तथा 20 से 24 अगस्त तक काफी व्यापक बारिश का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 18 और 19 अगस्त को व्यापक तथा 20 से 22 अगस्त तक काफी व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
आईएमडी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दिन का पूर्वानुमान और चेतावनी उस दिन सुबह 8.30 बजे से अगले दिन सुबह 8.30 बजे तक प्रभावी रहती है।
