ग्वालियर: मुरार कैंटोनमेंट क्षेत्र से सामने आईं तस्वीरों ने एक बार फिर प्रशासनिक तंत्र और नगर निगम के दावों की पोल खोलकर रख दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो सिर्फ एक आम नजारा नहीं, बल्कि जिम्मेदार विभागों की घोर लापरवाही और सुस्ती का जिंदा आईना है।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सीवर का गंदा और जहरीला पानी सीधे एक बोरवेल में समा रहा है। अगर इसी बोरवेल के जरिए आस-पास के घरों में पीने का पानी सप्लाई हो रहा है, तो हालात कितने भयावह हो सकते हैं, इसका अंदाजा लगाना भी रूह कंपा देने वाला है।
इंदौर हादसे के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार
हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुए भीषण हादसे के बाद पूरे प्रदेश में जल स्रोतों की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद मुरार कैंटोनमेंट में सामने आई यह तस्वीर साबित करती है कि जमीनी स्तर पर प्रशासनिक अमला कितना बेपरवाह है। क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी त्रासदी या मासूमों के बीमार पड़ने का इंतजार कर रहा है?
जनता की गुहार पर सिर्फ ‘आश्वासन का मरहम’
स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश और भय का माहौल है। लोगों का कहना है:
अधिकारियों और संबंधित विभाग को लगातार शिकायतें भेजी गईं। हर बार कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खोखले आश्वासन ही हाथ लगे। शिकायतें धूल फांकती रहीं और उधर सीवर का गंदा पानी दिन-रात बोरवेल में घुलता रहा।
बड़ा सवाल: किसकी होगी जिम्मेदारी?
सीवर का दूषित पानी सीधे भू-जल और बोरवेल को संक्रमित कर रहा है, जो सीधे तौर पर महामारी और गंभीर बीमारियों को न्योता देना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक कोई बड़ा हादसा न हो जाए, तब तक क्या जिम्मेदार तंत्र की नींद नहीं खुलेगी? अब देखना यह होगा कि इस वायरल वीडियो और जनता के आक्रोश के बाद प्रशासन हरकत में आता है या फिर यह मामला भी आश्वासनों की भेंट चढ़ जाएगा।
