बांदकपुर/दमोह: श्री देव जागेश्वरनाथ जी मंदिर बांदकपुर में चल रहे ग्यारह दिवसीय लघु रुद्रात्मक रुद्राभिषेक के तृतीय दिवस प्रातः आठ बजे भगवान श्री देव जागेश्वरनाथ जी का विशेष पूजन व रुद्राभिषेक वैदिक विधि-विधान, मंत्रोच्चार व श्रद्धा-भक्ति के साथ संपन्न हुआ। भगवान श्री देव जागेश्वरनाथ जी के पूजन के पश्चात मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में भगवान शिव का पंचामृत स्नान कराया गया। दूध, दही, घृत, मधु व शर्करा से पंचामृत अभिषेक के बाद शुद्ध जल व पवित्र नर्मदा जल से भगवान श्री देव जागेश्वरनाथ जी का रुद्राभिषेक किया गया।। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार भगवान शिव को बिल्वपत्र, पुष्प, अक्षत, चंदन, धूप, दीप व नैवेद्य अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई तथा आरती के उपरांत समस्त भक्तों, क्षेत्रवासियों व विश्व कल्याण की मंगलकामना की गई
मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक पंडित श्री रामकृपाल पाठक के मार्गदर्शन में चल रहे इस ग्यारह दिवसीय धार्मिक आयोजन में उन्होंने नर्मदा जल से भगवान शिव के अभिषेक का महत्व बताते हुए कहा कि सनातन धर्म की पूजा पद्धति में जलाभिषेक का विशेष महत्व है। जल पवित्रता, शीतलता व आत्मशुद्धि का प्रतीक है। नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक करते समय श्रद्धालु को अपने अहंकार, क्रोध, लोभ, मोह व नकारात्मक विचारों को भगवान शिव के चरणों में समर्पित करने का भाव रखना चाहिए। पंचामृत स्नान भी भगवान के प्रति श्रद्धा व समर्पण का प्रतीक है। दूध, दही, घृत, मधु एवं शर्करा जीवन में शुद्धता, सात्त्विकता, तेज, मधुरता व मंगल भाव का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव को नर्मदा जल अर्पित करना केवल धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मन, वचन एवं कर्म को भगवान के प्रति समर्पित करने की साधना है।
मंदिर ट्रस्ट के प्रवक्ता आचार्य पंडित रवि शास्त्री जी महाराज ने बताया कि तृतीय दिवस के मुख्य यजमान के रूप में मंदिर ट्रस्ट के सदस्य श्री अनुराग श्रीवास्तव व श्रीमती रोशनी श्रीवास्तव, श्रीमती अशोक कुमारी वर्मा व अमित वर्मा, सुमित वर्मा व श्रीमती अनुभा वर्मा, अतुल अग्रवाल व श्रीमती अंशुमा अग्रवाल, संजय अग्रवाल व श्रीमती अंजू अग्रवाल तथा श्री संदीप जैन व श्रीमती शिल्पी जैन ने विधि-विधानपूर्वक भगवान देव जागेश्वरनाथ का पूजन-अर्चन व रुद्राभिषेक किया। मुख्य यजमानों ने भगवान शिव के चरणों में जल व नर्मदा जल अर्पित करते हुए अपने परिवार, समाज, क्षेत्र व समस्त मानव समाज के सुख, शांति, आरोग्य, समृद्धि व कल्याण की प्रार्थना की इसी अवसर पर लोकसभा सांसद राहुल सिंह ने मंदिर ट्रस्ट के गोवर्धन धेनु पर्वत पहुंचकर पौधारोपण किया। उन्होंने पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण व सनातन संस्कृति में प्रकृति के महत्व का संदेश दिया।
मंदिर ट्रस्ट की ओर से सांसद श्री राहुल सिंह जी के इस प्रयास का स्वागत करते हुए कहा गया कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संकल्प समाज के लिए प्रेरणादायी है। गोवर्धन धेनु पर्वत जैसे धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थल को हरित एवं पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध बनाने की दिशा में पौधारोपण महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं व मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों ने भी अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया रुद्राभिषेक भगवान शिव के प्रति पूर्ण समर्पण व आत्मशुद्धि की दिव्य साधना है। भगवान शिव की आराधना मनुष्य को त्याग, तपस्या, करुणा, संयम एवं लोककल्याण का संदेश देती है। श्रावण मास में शिव आराधना, रुद्राभिषेक, बिल्वपत्र अर्पण एवं रुद्राध्याय का पाठ श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि ग्यारह दिवसीय यह लघु रुद्रात्मक रुद्राभिषेक महायज्ञ केवल व्यक्तिगत मनोकामना की पूर्ति के लिए नहीं, बल्कि सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की मंगल भावना से किया जा रहा है भगवान देव जागेश्वरनाथ से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि, सद्भाव एवं धर्मभावना की स्थापना तथा समस्त प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना की जा रही है। भगवान श्री देव जागेश्वरनाथ जी की कृपा से सभी भक्तों के जीवन में सुख, शांति, आरोग्य व समृद्धि का संचार हो तथा समस्त क्षेत्र व विश्व का कल्याण हो, इसी पवित्र भावना के साथ धार्मिक अनुष्ठान निरंतर जारी है।
