सीहोर। ग्राम खेड़ली, कुलांस खुर्द, भोजनगर, चंदेरी, बरखेड़ी, बिलकिसगंज, रामाखेड़ी, डाबला सहित दर्जनों गांवों के किसानों ने जर्जर विद्युत लाइनों और खेतों के ऊपर झूलते तारों की समस्या को लेकर मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण प्रदर्शन में शामिल हुए. किसानों ने विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उन्हें जिले से हटाने की मांग की.
ग्राम पंचायत खेड़ली के भगवान सिंह पटेल का आरोप है कि गांवों से लेकर खेतों तक 11 केवी एवं एलटी विद्युत लाइनें लंबे समय से जर्जर हालत में हैं और कई स्थानों पर विद्युत तार जमीन से बेहद कम ऊंचाई पर झूल रहे हैं. इसके कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. किसानों के अनुसार विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते कई लोग करंट की चपेट में आकर घायल हो चुके हैं. कुछ किसानों के हाथ तक गंवाने पड़े हैं. वहीं मवेशियों की करंट लगने से मौत होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं. विद्युत लाइन में फाल्ट होने के कारण खेतों में खड़ी फसलों में आग लगने से किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है.
भगवान सिंह पटेल ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों को शिकायतें की गई. लिखित ज्ञापन देने के साथ ही फोन पर भी अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद जर्जर लाइनों और झूलते तारों को दुरुस्त करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई. प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि क्षेत्र के विधायक एवं मंत्री द्वारा भी विद्युत मंडल के अधिकारियों को हटाने के लिए एमडी को पत्र लिखा गया है. ऊर्जा मंत्री ने भी अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए.
प्रभारी मंत्री द्वारा भी विद्युत मंडल के संबंध में कलेक्टर को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों को न तो हटाया गया और न ही उनके खिलाफ कार्रवाई हुई. नतीजतन आक्रोशित होकर किसानों और ग्रामीणों को आंदोलन एवं मशाल जुलूस निकालने मजबूर होना पड़ा.
