
देवसर । अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग देवसर कार्यालय की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सोमवार के दिन सरकारी कार्यालयीन समय में कार्यालय परिसर सूना मिला। कई कक्षों में न तो अधिकारी मौजूद थे और न ही कर्मचारी। दूर-दराज से अपनी शिकायत और कार्य लेकर पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। इससे विभागीय कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कार्यालय में मौजूद लोगों के अनुसार कई टेबल-कुर्सियां खाली मिलीं, कमरों में धूल जमी दिखाई दी और पूरे परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। कार्यालय के बाहर अधिकारियों के नाम पट्ट तो लगे हैं, लेकिन आम लोगों का आरोप है कि जरूरत के समय संबंधित अधिकारी और कर्मचारी अक्सर उपलब्ध नहीं रहते। ऐसे में सड़क, पुल-पुलिया और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़ी शिकायतों का निराकरण समय पर नहीं हो पाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई किलोमीटर दूर से कार्यालय पहुंचने के बावजूद उन्हें जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिलते, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से कार्यालय की कार्यप्रणाली की आकस्मिक जांच कराने, अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति की समीक्षा करने की मांग की जाने लगी है। हालांकि लोनिवि के सहायक यंत्री एवं उपयंत्री फील्ड में जाने की बात कर सकते हैं, परंतु दफ्तर का अन्य स्टाफ कहां रहता है, यह भी बड़ा सवाल है। कर्मचारियों के नदारत रहने से सबसे ज्यादा परेशान ठेकेदार होते हैं।
