फर्रुखाबाद, 4 अगस्त (वार्ता) उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में गंगा और रामगंगा नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। जिला प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित कर रहा है तथा हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार मंगलवार शाम गंगा नदी का जलस्तर 136.95 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 136.60 मीटर से ऊपर तथा खतरे के निशान से मात्र 15 सेंटीमीटर नीचे है। गंगा तटवर्ती कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी फैलने से संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं।
प्रशासन के अनुसार बाढ़ से तहसील सदर के नौ, कायमगंज के 12 और अमृतपुर के 12 गांव प्रभावित हुए हैं। इस प्रकार जिले के कुल 33 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों में 4,855 परिवारों के लगभग 23,367 लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों के लिए जिले में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में मंडी समिति रामसवाईद और रमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में संचालित राहत शिविरों में 240 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है। यहां भोजन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों में कुल 50 नावें तथा पांच मोटरबोट तैनात की गई हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ की एक टीम और पीएसी फ्लड यूनिट की एक कंपनी आवश्यक उपकरणों सहित मौके पर तैनात है। आवश्यकता पड़ने पर 53 स्वयंसेवी गोताखोरों की सेवाएं भी ली जा रही हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 35 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं। इन शिविरों में अब तक 536 लोगों का उपचार किया जा चुका है। साथ ही 272 ओआरएस पैकेट और 896 क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं। प्रशासन ने बताया कि एंटी स्नेक वेनम सहित अन्य आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
पशुधन की सुरक्षा के लिए 11 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में अब तक 79 पशुओं का उपचार तथा 3,804 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। पशुओं के लिए चारा और भूसे की भी समुचित व्यवस्था की गई है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने, नदी किनारे जाने से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या कंट्रोल रूम से संपर्क करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य पूरी संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ लगातार जारी हैं।
