नयी दिल्ली, 04 अगस्त (वार्ता) चावल के बाजार में नयी संभावनाएं तलाशने के लिए आगामी अक्टूबर में यहां होने वाले ‘भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन’ में दुनिया भर से 120 से अधिक देशों के करीब 30 हजार प्रतिभागियों के हिस्सा लेने का अनुमान है। यह सम्मेलन 23 से 25 अक्टूबर तक भारत मंडपम में आयोजित किया जायेगा। इस सम्मेलन के आयोजकों के अनुसार इतनी बड़ी संख्या में शामिल हो रहे प्रतिनिधियों के कारण यह सम्मेलन वैश्विक चावल क्षेत्र के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में से एक बन जाएगा। भारतीय चावल निर्यात परिसंघ के यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि सम्मेलन के आयोजन में अभी तीन महीने बाकी हैं लेकिन अभी से ही इस सम्मेलन में पंजीकरण की संख्या 19 हजार से अधिक हो गयी है। इनमें 2,135 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पंजीकरण हैं। कार्यक्रम से लगभग तीन महीने पहले ही यह उपलब्धि हासिल होना इस बात का साबित करता है कि दुनिया के देश भारत के चावल उद्योग में खासी रुचि ले रहे हैं।
यह कार्यक्रम ‘बीआरआईसी’ का दूसरा आयोजन है। इसके पहले आयोजन में 90 से अधिक देशों के 1,083 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों सहित 10,854 प्रतिभागियों ने भाग लिया था। इसने 8.63 टन चावल के करीब 33,453 करोड़ रूपये के व्यापारिक समझौतों को सुगम बनाया था। आयोजकों के अनुसार, बीआरआईसी को बिजनेस नेटवर्किंग, मार्केट इंटेलिजेंस, नीतिगत चर्चाओं और ज्ञान को साझा करने को एक ही मंच पर लाकर एक पारंपरिक व्यापार प्रदर्शनी से आगे जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सम्मेलन का मकसद प्रतिभागियों को बदलते व्यापार रुझानों को समझने, व्यावसायिक साझेदारियों को मजबूत करने और वैश्विक चावल मूल्य श्रृंखला में नए मौकों की पहचान करने में मदद करना है। इस साल का सम्मेलन उद्योगों को कारोबारी फैसला लेने में मदद के लिए कई नई पहलों की शुरुआत करेगा। इनमें वैश्विक फसल सर्वेक्षण और वैश्विक मांग, आपूर्ति के आधार पर चावल की भविष्य की कीमतों के अनुमान शामिल हैं।

