नयी दिल्ली, 03 अगस्त (वार्ता) मुंबई स्थित फार्मा कंपनी एनक्यूब एथिकल्स ने अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास प्रारूप रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) दाखिल किया है। mकंपनी ने सोमवार को बताया कि आईपीओ में एक रुपये अंकित मूल्य वाले इक्विटी शेयर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इसके तहत प्रवर्तक मेहुल मधुसूदन शाह तथा निवेशक विक्रेता शेयरधारक फ्रंटियर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग्स अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा पात्र संस्थागत खरीदारों के लिए, न्यूनतम 15 प्रतिशत गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए तथा न्यूनतम 35 प्रतिशत खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा। साल 1995 में स्थापित एनक्यूब एथिकल्स लिमिटेड एक वैश्विक स्पेशियलिटी फार्मास्युटिकल फॉर्म्युलेशन कंपनी है। उसे तकनीकी रूप से जटिल टॉपिकल (त्वचा पर लगाए जाने वाले) और ट्रांसडर्मल (त्वचा के माध्यम से दवा पहुंचाने वाले) डोज विकसित करने और निर्माण में गहरी विशेषज्ञता हासिल है। कंपनी इस साल 31 मार्च तक भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप जैसे विनियमित बाजारों सहित कुल 50 देशों में अपनी सेवाएं दे रही है।
कंपनी ने 28 साल से अधिक के संचालन के दौरान टॉपिकल मैन्युफैक्चरिंग में वैश्विक स्तर पर मजबूत उपस्थिति बनायी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, गत 31 मार्च तक इसकी कुल फिलिंग एवं पैकेजिंग क्षमता 80.7 करोड़ इकाई थी, जो वित्त वर्ष 2026 में अमेरिका के कुल टॉपिकल बाजार की मांग का लगभग 2.8 गुना है।
एनक्यूब एथिकल्स की विनिर्माण इकाइयों को 11 अंतरराष्ट्रीय नियामक संस्थाओं से मान्यता प्राप्त है, जिनमें अमेरिका की यूएसएफडीए, यूरोपीय संघ की जीएमपी, जापान का पीएमडीए, हेल्थ कनाडा, ब्राजील का एनवीसा और ऑस्ट्रेलिया का टीजीए शामिल हैं। उसके कर्मचारियों की संख्या 31 मार्च 2026 तक कंपनी में 1,684 कर्मचारी कार्यरत थे। कंपनी विभिन्न देशों की कई प्रमुख वैश्विक दवा कंपनियों के लिए व्यापक विकास एवं विनिर्माण साझेदार के रूप में कार्य करती है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी 50 देशों की 160 से अधिक फार्मा कंपनियों को सेवाएं प्रदान कर रही थी। वित्त वर्ष 2025-26 में परिचालन से कंपनी की आय ₹1,848.7 करोड़ रही, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह ₹1,085.9 करोड़ थी। वित्त वर्ष 2026- 26 में कंपनी का शुद्ध लाभ 436.7 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह 156.1 करोड़ था। कंपनी के शेयरों को बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है।

