खंडवा: पंधाना विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों का श्रेय लेने को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शनिवार को अपने जन्मदिन से एक दिन पूर्व एक निजी होटल में वर्तमान विधायक छाया मोरे ने अपने ढाई साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इसके कुछ ही समय बाद भाजपा के पूर्व विधायक राम दांगोरे ने एक वीडियो जारी कर इस पर जोरदार पलटवार किया। दांगोरे ने अपने कार्यकाल (2018-2023) के दौरान स्वीकृत हुए 6,253 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का विस्तृत ब्यौरा जनता के सामने रखकर श्रेय की इस राजनीति को गरमा दिया है।
पूर्व विधायक दांगोरे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी ही पार्टी की सरकार या किसी व्यक्ति विशेष पर कटाक्ष नहीं किया है, बल्कि क्षेत्र में चल रहे भूमिपूजन और उद्घाटनों की वास्तविकता स्पष्ट करने के लिए यह जानकारी साझा की है। उन्होंने खुली चुनौती दी है कि कोई भी व्यक्ति खंडवा कलेक्टोरेट में आरटीआई
लगाकर उनके कार्यकाल में 56 विभागों के माध्यम से हुए इन कार्यों का प्रामाणिक डाटा निकाल सकता है।
दांगोरे के ‘डेटा स्ट्राइक’ में शामिल प्रमुख कार्य:
सिंचाई परियोजनाएं (सबसे बड़ी उपलब्धि): 2600 करोड़ रुपये का जल जीवन मिशन, भारी विरोध के बावजूद पास कराई गई 1866 करोड़ रुपये की खंडवा लिफ्ट इरिगेशन और पंधाना के 35 गांवों को लाभान्वित करने वाली 630 करोड़ रुपये की झिरन्या लिफ्ट इरिगेशन योजना।
प्रशासनिक सौगातें: पंधाना में 11 करोड़ की लागत से जिले का सबसे बड़ा एसडीएम कार्यालय, सिंगोट को पूर्ण तहसील का दर्जा व छैगांव माखन को उप-तहसील का दर्जा।
शिक्षा व स्वास्थ्य: गुड़ी में 18 करोड़ की लागत से नया कॉलेज और पंधाना व छैगांव माखन में 74 करोड़ की लागत से सीएम राइज स्कूल। सिंगोट में नया अस्पताल और पंधाना, बरखेड़ी, बुलियाखेड़ी, डोंगरगांव व हेमगीर में लाखों रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण।
बुनियादी ढांचा: 468 किलोमीटर लंबी 56 सड़कों और 23.84 करोड़ की लागत से 18 पुलियों का निर्माण।
औद्योगिक क्षेत्र: देशगांव में 121 एकड़ जमीन पर महाराणा प्रताप औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण।
विफल प्रोजेक्ट और राजनीतिक अनुपस्थिति पर भी दी सफाई
अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ दांगोरे ने बोरगांव फूड पार्क प्रोजेक्ट के विफल होने की बात भी बेबाकी से स्वीकारी, जिससे क्षेत्र के करीब 3600 युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद थी। वीडियो के अंत में पूर्व विधायक ने अपनी हालिया राजनीतिक अनुपस्थिति का कारण स्पष्ट करते हुए कहा कि वे पिछले छह माह से अपने नवजात शिशु और परिवार को समय दे रहे थे, लेकिन अब वे पुनः क्षेत्र में पूरी तरह सक्रिय होकर जनता के बीच लौट आए हैं।
