
शुजालपुर, शुजालपुर मंडी स्थित सिविल अस्पताल में शनिवार दोपहर लिफ्ट की तकनीकी खराबी के कारण चार लोग करीब दो घंटे तक उसके भीतर फं से रहे. घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए अफ रा-तफ री का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और तकनीकी टीम की सहायता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया, एहतियात के तौर पर लिफ्ट को फिलहाल बंद कर दिया गया है.
जानकारी के अनुसार ग्राम निशाना निवासी चंद्रपाल सिंह सिसोदिया अपनी बुखार से पीडि़त पुत्री, पत्नी और एक आशा कार्यकर्ता के साथ उपचार के लिए दोपहर लगभग 12.15 बजे अस्पताल पहुंचे थे. ऊपरी मंजिल पर जाने के लिए चारों ने लिफ्ट का उपयोग किया, लेकिन लिफ्ट बीच में ही रुक गई और उसका दरवाजा नहीं खुला, इससे सभी अंदर ही फं स गए.
तकनीकी कर्मचारी के पहुंचने पर खुली लिफ्ट
अस्पताल में लिफ्ट के रखरखाव के लिए उस समय कोई तकनीकी कर्मचारी मौजूद नहीं था. संबंधित टेक्निशियन कालीसिंध क्षेत्र में कार्य पर होने के कारण वहां से शुजालपुर पहुंचा. उसके आने के बाद लिफ्ट को तकनीकी प्रक्रिया से खोला गया और सभी चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. करीब दो घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान अस्पताल कर्मी लगातार लिफ्ट में फ ंसे लोगों के संपर्क में रहे, जिससे वे घबराए नहीं. हालांकि लंबे समय तक बंद रहने के कारण सभी को काफ ी परेशानी का सामना करना पड़ा.
नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश
घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम शुजालपुर अंकिता पाटकर भी अस्पताल पहुंचीं. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को लिफ्ट के नियमित रखरखाव, समय-समय पर सुरक्षा परीक्षण कराने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, मरम्मत और सुरक्षा जांच पूरी होने तक लिफ्ट का संचालन स्थगित कर दिया गया है.
अलार्म और हेल्पलाइन से नहीं मिली तत्काल सहायता
चंद्रपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि लिफ्ट में लगे इमरजेंसी अलार्म का कई बार उपयोग किया गया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इसके बाद लिफ्ट पर अंकित हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया गया, जहां से तकनीकी कर्मचारी को सूचना देने का आश्वासन मिला. हालांकि तत्काल सहायता नहीं पहुंचने पर परिजनों और परिचितों के माध्यम से अस्पताल प्रबंधन को स्थिति की जानकारी दी गई, जिसके बाद राहत कार्य तेज किया गया.
