
जबलपुर। महाराष्ट्र व्यायाम शाला के ‘मंथन अमृत महोत्सव’ के दूसरे दिन आयोजित ज्ञानवर्धक सत्र में संस्था के सचिव अविनाश हलवे ने मनःशक्ति से स्वास्थ्य विषय पर प्रभावी व्याख्यान एवं प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने भारतीय ऋषि परंपरा, योग और आध्यात्मिक विज्ञान के माध्यम से मानसिक शक्ति के महत्व को सरल एवं प्रेरक ढंग से समझाया। अविनाश हलवे ने कहा की वेद, श्रीमद्भगवद्गीता और पतंजलि योगसूत्र में मन की शक्ति को जीवन का सबसे बड़ा आधार माना गया है। उन्होंने बताया कि प्राचीन ऋषि-मुनियों ने तप, साधना और ध्यान के माध्यम से अपनी मानसिक क्षमता का विकास कर दीर्घायु एवं निरोग जीवन प्राप्त किया। आज आधुनिक विज्ञान भी इन्हीं सिद्धांतों को स्वीकार करते हुए तनावमुक्त और स्वस्थ जीवन के लिए ध्यान एवं योग को प्रभावी उपाय मान रहा है व्याख्यान के अंत में उपस्थित लोगों को विशेष ध्यान का अभ्यास भी कराया गया, जिससे सभी ने मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
कार्यक्रम का समापन हनुमान जी की आरती एवं महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में योग साधक, संस्था के सदस्य एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
