मैड्रिड, 31 जुलाई (वार्ता) मोरक्को से हजारों प्रवासियों के तैरकर स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी एन्क्लेव स्यूटा में प्रवेश करने के बाद स्पेन सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। बढ़ते प्रवासी संकट से निपटने के लिए सरकार ने स्यूटा में अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की है। अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार को बड़ी संख्या में प्रवासियों ने समुद्र के रास्ते मोरक्को से स्यूटा पहुंचने की कोशिश की। इसके बाद स्पेन ने सीमा सुरक्षा बलों के साथ सेना को भी तैनात कर हालात पर नियंत्रण के प्रयास तेज कर दिए हैं।
स्यूटा पहुंचने की कोशिश में कम से कम 15 लोग डूब गए। हाल ही में सीमा पार करने की कोशिशें बढ़ने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने मैड्रिड से मदद मांगी थी लेकिन कल हालात बेकाबू हो गए क्योंकि ऐसा लगने लगा कि सीमा पर नियंत्रण व्यवस्था चरमरा गई है।
स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने फ़ैसला सुनाया कि समुद्र में स्यूटा या मेलिला पहुंचने की कोशिश करते हुए रोके गए प्रवासियों को तुरंत मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता। स्पेन के गृह मंत्रालय ने मानव तस्करी करने वाले नेटवर्क पर आरोप लगाया कि वे बिना दस्तावेज़ वाले प्रवासियों के आने को बढ़ावा देने के लिए इसका फ़ायदा उठा रहे हैं। मंत्रालय ने कहा कि सशस्त्र बल, स्यूटा शहर में सुरक्षा बनाए रखने के लिए सिविल गार्ड को उसकी शक्तियों के इस्तेमाल और आवश्यकता पड़ने पर अन्य ज़रूरी मदद करेंगे। स्यूटा, जो मोरक्को के उत्तरी तट पर स्थित स्पेन का स्वायत्त क्षेत्र है, जिब्राल्टर जलडमरूमध्य के माध्यम से स्पेन की मुख्य भूमि से अलग है। यह क्षेत्र लंबे समय से यूरोप पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों के लिए प्रमुख प्रवेश बिंदु (हॉटस्पॉट) बना हुआ है।
स्पेन के स्यूटा तक पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों की संख्या कई दिनों से बढ़ रही थी। कल हज़ारों लोग कंक्रीट के तटबंधों से फिसलकर समुद्र में उतर गए ताकि वे उस जेटी के चारों ओर तैर सकें जो सीमा तय करती है। स्पेन ने अपने समुद्र तट को जल्द ही रबर रिंग और पट्टिकाओं से भर दिया। जहां कुछ प्रवासी अपने पहुंचने का जश्न मना रहे थे, वहीं 12 से ज़्यादा लोग ऐसा करने की कोशिश में डूब गए। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मोरक्को से अवैध रूप से सीमा पार करने वालों की संख्या में अचानक इतनी बढ़ोतरी क्यों हुई, या वहां के अधिकारियों ने इसे रोकने के लिए कितनी कोशिश की।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ शुक्रवार को उस इलाके का दौरा करने वाले हैं और उन्होंने हालात को तुरंत सामान्य करने का वादा किया है। स्यूटा के नेता जुआन जीसस विवाज़ ने कहा कि लोगों के भारी आगमन से संसाधन कम पड़ रहे हैं और उन्होंने स्पेन की सरकार से दखल देने की अपील की।
इस उल्लंघन के कारण इटली के साथ राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का कहना है कि वह स्पेन के साथ खुली सीमा वाले शेंगेन समझौते को निलंबित करने पर विचार कर रही हैं। उनका कथन विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी द्वारा पहले दिन में दिए गए बयानों से मेल खाता है हालांकि, यह एक ऐसी धमकी है जिसे लागू करना नामुमकिन लगता है।
स्पेन के विदेश मंत्री होज़े लुइस अल्बारेस ने श्री तजानी पर राजनीतिक फ़ायदे के लिए अप्रवासन का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान एक सहयोगी और मित्र देश के लिए अनुचित हैं, हम यूरोपीय एकजुटता की उम्मीद करते हैं, न कि पक्षपाती एवं भड़काऊ बयानबाज़ी की।
शेंगेन एरिया 29 यूरोपीय देशों में फैली खुली सीमाओं की एक व्यवस्था है जिन्होंने आधिकारिक तौर पर अपनी साझा सीमाओं पर नियंत्रण खत्म कर दिया है। यह स्पष्ट नहीं है कि कितने लोगों ने सीमा पार किया। मीडिया का अनुमान है कि गुरुवार को 2,000 से 3,000 लोगों ने सेउटा में प्रवेश किया लेकिन उसने कहा कि गार्डिया सिविल ने इस संख्या की पुष्टि नहीं की है। जैसे-जैसे तनाव बढ़ा, गुरुवार देर रात झड़पों की अपुष्ट खबरें भी आईं। हाल के वर्षों में स्पेन के अधिकारियों ने निगरानी बढ़ाकर, बैरियर को मज़बूत करके और मोरक्को के साथ बेहतर द्विपक्षीय संबंध बनाकर इन इलाकों के आस-पास सुरक्षा बढ़ा दी है लेकिन लोग फिर भी इन्हें पार करने की कोशिश करते रहते हैं।

