
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। वीडियो को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ नेताओं ने वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं, जबकि अन्य इसे वास्तविक बता रहे हैं। इस बीच जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी वीडियो को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद यह मुद्दा और चर्चा में आ गया।
हालांकि अब तक किसी सक्षम फोरेंसिक एजेंसी या आधिकारिक संस्था ने वीडियो के वास्तविक या फर्जी होने की पुष्टि नहीं की है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो की सत्यता की पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही की जा सकती है। ऐसे में आधिकारिक निष्कर्ष आने तक किसी भी दावे को अंतिम सत्य मानने से बचना चाहिए।
