
उज्जैन। महाकाल की नगरी में 30 जुलाई से सावन माह के पर्व की शुरुआत हो जाएगी। शहर के सभी देवालय शिवालय में विशेष तैयारी की जा रही है। वहीं बाबा महाकाल के मंदिर में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। 3 अगस्त को बाबा महाकाल की प्रथम सवारी निकलेगी,ऐसे में शहर के सभी जनप्रतिनिधि से लेकर जिला प्रशासनिक अधिकारियों ने आज पूरे शहर का भ्रमण किया और बाबा महाकाल की राह प्रशस्त की गई। प्रदेश घर से कावडि़ए भी अवंतिका नगरी में प्रवेश कर रहे हैं।
सिंहस्थ-2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को शिप्रा तट स्थित राणोजी की छत्री पर अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक का लाइव प्रदर्शन किया गया। वहीं 3 अगस्त को निकलने वाली भगवान महाकाल की प्रथम सवारी से पहले जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पूरे सवारी मार्ग का पैदल निरीक्षण कर निर्माण कार्य और व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। ड्रोन प्रदर्शन के दौरान चेन्नई, दिल्ली और गुरुग्राम की विशेषज्ञ कंपनियों ने आधुनिक ड्रोन की क्षमताओं का प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने ड्रोन की उड़ान क्षमता, कैमरा गुणवत्ता, डेटा ट्रांसमिशन और भीड़ प्रबंधन में उसकी उपयोगिता का परीक्षण किया। कुछ ड्रोन लगभग 8 किलोमीटर तक निगरानी करने में सक्षम हैं, जबकि पीए सिस्टम से लैस ड्रोन आवश्यकता पडऩे पर मौके से ही घोषणाएं भी कर सकेंगे।
सुरक्षा के साथ रियल टाइम मॉनिटरिंग
ड्रोन प्रदर्शन के दौरान अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राकेश गुप्ता, संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ के दौरान इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से पूरे मेला क्षेत्र की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी और आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा। ताकि किसी प्रकार की सिंहस्थ परेशानी ना हो।
इधर, महाकाल की प्रथम सवारी की तैयारियों को लेकर उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, विकास प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी, नगर भाजपा अध्यक्ष संजय अग्रवाल और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने महाकालेश्वर मंदिर से पूरे सवारी मार्ग का पैदल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सवारी से पहले सडक़ चौड़ीकरण, निर्माण कार्य और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर शहर और सिंहस्थ मेला क्षेत्र में सडक़, पुल, घाट, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता और यातायात सहित आधारभूत सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सिंहस्थ-2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और विश्वस्तरीय व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
