ग्वालियर: शहर के युवा अभिनेता सारांश भारद्वाज एक बार फिर अपनी अभिनय प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं। इन दिनों वे चर्चित धारावाहिक “मुसद्दी की बेटी चली ऑफिस ऑफिस” में अपनी प्रभावशाली भूमिका के कारण सुर्खियों में हैं। यह धारावाहिक डीडी नेशनल और वेव्स ओटीटी पर प्रसारित हो रहा है। ग्वालियर से निकलकर मायानगरी मुंबई तक का उनका सफर संघर्ष, मेहनत और निरंतर अभ्यास का परिणाम माना जा रहा है।
सारांश भारद्वाज ने ग्वालियर के राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय से थिएटर एंड ड्रामा में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में अपना करियर बनाने के उद्देश्य से मुंबई का रुख किया। वर्षों के संघर्ष और निरंतर मेहनत के बाद आज वे टीवी, फिल्मों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी अलग पहचान स्थापित कर चुके हैं।
मुंबई पहुंचने से पहले सारांश ने ग्वालियर और देश के विभिन्न शहरों में लगभग 8 वर्षों तक रंगमंच को समर्पित रहते हुए 50 से अधिक नाटकों में अभिनय किया। उन्होंने ओडिपस, मैकबेथ, द चेरी ऑर्चर्ड जैसे विश्वप्रसिद्ध नाटकों के साथ-साथ बुंदेलखंडी लोकनाट्य ‘स्वांग’ तथा संस्कृत नाटकों उत्तररामचरितम्, मालती-माधव और भगवदज्जुकीयम् में भी उल्लेखनीय अभिनय किया। रंगमंच पर उनकी मजबूत पकड़ ने उन्हें अभिनय की गहराई और विविधता प्रदान की। भारद्वाज इससे पहले भी कई चर्चित टीवी कार्यक्रमों और धारावाहिकों में अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दे चुके हैं।
