नई दिल्ली, राजधानी दिल्ली में नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ अब वामपंथी दल भी पूरी तरह खुलकर मैदान में आ गए हैं। मंगलवार को जंतर-मंतर पर सीपीआई (CPM) और सीपीआई (CPI) के कई दिग्गज सांसदों ने पहुंचकर इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
सांसदों की कड़ी प्रतिक्रिया और आरोप
सीपीआई (M) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास और सीपीआई सांसद पी संदोश कुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विरोध और असहमति लोकतंत्र का अहम हिस्सा है, लेकिन यह सरकार तानाशाही रवैया अपनाते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को देशविरोधी साबित करने की कोशिश कर रही है।
गृह मंत्री से जवाब की मांग
वाम दलों के नेताओं ने 20 जुलाई को छात्रों पर किए गए क्रूर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सरकार को असंवेदनशील बताते हुए मांग की है कि देश के गृह मंत्री को संसद में आकर इस पूरी घटना पर तुरंत स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

