विशाखापत्तनम, 20 जुलाई (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी एक अगस्त को आंध्र प्रदेश के भोगापुरम स्थित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (विजाग एयरपोर्ट) का उद्घाटन करेंगे। भोगापुरम में रणनीतिक रूप से स्थित यह हवाई अड्डा विशाखापत्तनम्, विजयनगरम्, श्रीकाकुलम् और दक्षिणी ओडिशा तथा छत्तीसगढ़ के पड़ोसी जिलों के लिए प्रमुख विमानन प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करेगा। इस हवाई अड्डे का विकास जीएमआर विशाखापत्तनम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (जीवीआईएएल) द्वारा किया गया है। यह जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड की सहायक कंपनी है।
जीएमआर एयरपोर्ट्स ने सोमवार को बताया कि इस हवाई अड्डे का निर्माण क्षेत्र की बढ़ती विमानन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है। शुरुआती चरण में इसकी वार्षिक यात्री क्षमता 60 लाख यात्रियों की है। बाद में इसे बढ़ाकर चार करोड़ से अधिक करने की योजना है। हवाई अड्डे में 3,800 मीटर लंबा कोड 4ई रनवे है, जो बड़े विमानों के परिचालन के लिए भी उपयुक्त है। इसके अलावा, आधुनिक एकीकृत यात्री टर्मिनल, समर्पित कार्गो सुविधाएं तथा उन्नत एयरसाइड बुनियादी ढांचा उपलब्ध हैं, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार के परिचालन को संभालने में सक्षम हैं।
हवाई अड्डे को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से एयरोड्रोम लाइसेंस, नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो से सुरक्षा मंजूरी, इमिग्रेशन चेक पोस्ट के रूप में अधिसूचना, कस्टम्स अधिसूचना, आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संचालन की सहमति समेत सभी आवश्यक स्वीकृतियां मिल चुकी हैं।जीएमआर एयरपोर्ट्स की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यात्री सेवाओं के अलावा, यह हवाई अड्डा दीर्घकालिक आर्थिक विकास का भी प्रमुख आधार बनेगा। इसकी समर्पित कार्गो अवसंरचना, औद्योगिक गलियारों से निकटता और प्रस्तावित विमानन पारितंत्र निर्यात प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएंगे, लॉजिस्टिक्स को अधिक कुशल बनाएंगे तथा सूचना प्रौद्योगिकी, औषधि उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स, समुद्री खाद्य निर्यात और उन्नत विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करेंगे। हवाई अड्डे पर नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल, वर्षा जल संचयन, ऊर्जा-कुशल प्रणालियों तथा पर्यावरण-अनुकूल बुनियादी ढांचे का ध्यान रखा गया है।

