मुंबई, 19 जुलाई (वार्ता) शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन के और तेज़ होने के बीच रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और भारत के युवाओं के सामने मौजूद संकट से निपटने के लिए नेतृत्व में बुनियादी बदलाव की मांग की।
मुंबई के आज़ाद मैदान में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए, श्री ठाकरे ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के प्रति एकजुटता ज़ाहिर की। ये लोग नयी दिल्ली में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं।
श्री वांगचुक के 20 दिनों के उपवास के बाद 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन स्थल से उन्हें ज़बरदस्ती हटा दिया था, वह अभी चिकित्सा देखरेख में हैं जबकि दिपके ने विरोध स्थल पर भूख हड़ताल की कमान संभाल ली है।
श्री ठाकरे ने समर्थकों की भारी भीड़ के सामने कहा, “यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है बल्कि यह हमारे देश के युवाओं के भविष्य की लड़ाई है।” उन्होंने नीट पेपर लीक कांड पर केंद्र सरकार की लगातार चुप्पी एवं प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने से इनकार करने को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की।
श्री ठाकरे ने अपने भाषण में कहा, “शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करना मामूली बात है। सरकार को ही बदलना होगा। वे नौकरी, शिक्षा या सवालों का जवाब देने में भी नाकाम रहे हैं। विरोध की यह आग तब तक जलती रहनी चाहिए जब तक यह सरकार हट न जाए।”
मुंबई में आयोजित हुई रैली में आदित्य ठाकरे, संजय राउत और सुषमा अंधारे जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यह रैली सरकार के विरोध में शक्ति प्रदर्शन था जिसे विपक्ष छात्रों के प्रति सरकार की व्यवस्थागत उदासीनता बताता है।
आज़ाद मैदान में प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर दिखाए गए संकल्प को दोहराते हुए राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में तत्काल जवाबदेही एवं संरचनात्मक सुधारों की मांग की। भूख हड़ताल पर बैठे लोगों के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंताओं के बावजूद, आंदोलन के धीमा पड़ने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।
आयोजकों ने फिर से कहा कि तय कार्यक्रम के अनुसार 20 जुलाई को “चलो संसद” मार्च होगा। यह तारीख संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत का दिन है और युवाओं के नेतृत्व वाले आंदोलन एवं केंद्र सरकार के बीच चल रहे गतिरोध में यह एक अहम मोड़ साबित होगा।
