
जबलपुर। प्रदेश सरकार के द्वारा ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किये जाने के संबंध में हाईकोर्ट जस्टिस आनंद पाठक तथा जस्टिस विनय सराफ की विशेष बेंच के द्वारा डे-टू-डे सुनवाई जारी है। डे-टू-डे सुनवाई के दूसरे दिन भी ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किये जाने के खिलाफ दायर याचिकाकर्ताओं की तरफ से पक्ष रखा गया।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अमन लेखी तथा गोपाल शंकर नारायण की तरफ से पक्ष रखा गया। उन्होंने दलील दी कि जनसंख्या के आधार पर आरक्षण दिये जाने का प्रावधान नही है। इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय ने इंदिरा साहनी के मामले में स्पष्ट आदेश दिये है कि आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नही होनी चाहिये।
उनकी तरफ से तर्क दिया गया कि 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस कोटा लागू है। ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किया जाता है तो आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक हो जायेगी। जो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिये गये संवैधानिक आदेश का उल्लंघन है। युगलपीठ के द्वारा शुक्रवार को दोपहर ढाई बजे निर्धारित की है।
गौरतलब है कि ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किये जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाए दायर की गयी। हाईकोर्ट ने कुछ याचिकाओं की सुनवाई के बाद ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत किये जाने पर रोक लगा दी थी।
