तेहरान, 13 जुलाई (वार्ता) ईरान ने सोमवार को कहा कि वह अपने कुछ परमाणु केंद्रों पर अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण फिर से शुरू करने के लिए सहमत नहीं होगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई से जब सवाल किया गया कि क्या ईरान संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए ) के निरीक्षकों को परमाणु स्थलों तक फिर से पहुँचने की अनुमति देगा, तो उन्होंने कहा कि ईरान इस अनुरोध को स्वीकार नहीं करेगा।
यह रुख ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू ) के तहत चल रही बातचीत के बावजूद सामने आया है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य पर बातचीत की बात कही गयी है। हालाँकि, यह समझौता किसी भी पक्ष को विशिष्ट उपायों या समय-सीमा के लिए बाध्य नहीं करता है।
गौरतलब है कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में आईएईए का निरीक्षण फिर से शुरू हो जाएगा।
बाद में ईरानी अधिकारियों ने इस उम्मीद पर सवाल उठाए। ईरान के एक वरिष्ठ वार्ताकार ने कहा कि निरीक्षण से संबंधित कोई भी व्यवस्था केवल अमेरिका के साथ एक व्यापक समझौते के हिस्से के रूप में ही अंतिम रूप दी जाएगी। आईएईए ने पहले ओबामा प्रशासन के दौरान बातचीत के जरिए हुए 2015 के परमाणु समझौतेके तहत ईरानी परमाणु सुविधाओं का नियमित निरीक्षण किया था और निगरानी कैमरे संचालित किये थे। इस समझौते को आधिकारिक तौर पर ‘संयुक्त व्यापक कार्य योजना’ (जेसीपीओए) के रूप में जाना जाता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अपने पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिका को समझौते से बाहर करने के बाद ईरान ने निगरानी को धीरे-धीरे सीमित कर दिया था। तब से ईरान ने अपनी यूरेनियम संवर्धन गतिविधियों का काफी विस्तार किया है। पहली बार हथियार-ग्रेड के करीब सामग्री का उत्पादन किया है और अपने परमाणु कार्यक्रम की दिशा को लेकर पश्चिमी सरकारों के बीच चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
