वाशिंगटन/तेहरान, 09 जुलाई (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ हुए समझौते को पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा के बाद गुरुवार को केवल तीन ईंधन टैंकर ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते देखे गये। इनमें से दो टैंकरों पर ईरान से कथित संबंधों के लिए अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखा है।
मैरीनट्रैफिक के जहाज-ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को होर्मुज से गुजरने वाले प्रतिबंधित टैंकरों की पहचान एलपीजी टैंकर ‘सोलिक्स’ और कच्चे तेल के टैंकर ‘बर्ग 1’ के रूप में की गयी है।
इस क्षेत्र में मार्शल द्वीप समूह के ध्वज के तहत संचालित एक तीसरा तेल और रासायनिक टैंकर भी देखा गया था। हालांकि इस जहाज पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से यह जहाज एक जहाज से दूसरे जहाज में ईंधन स्थानांतरित करने जैसी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है।
बेनिन के ध्वज वाला ‘बर्ग 1’ और मार्शल द्वीप समूह का टैंकर, दोनों उत्तरी समुद्री मार्ग के माध्यम से फारस की खाड़ी से बाहर माल ले जा रहे थे। ईरान ने जोर देकर कहा है कि वाणिज्यिक जहाजों को इसी मार्ग का उपयोग करना चाहिए। दूसरी ओर, इक्वेटोरियल गिनी के ध्वज वाला ‘सोलिक्स’ एक चीनी बंदरगाह से रवाना होने के बाद फारस की खाड़ी में पश्चिम की ओर बढ़ रहा था।
रिपोर्टों के अनुसार, हालांकि कई जहाज ओमान के समुद्र तट के पास के दक्षिणी मार्ग से गुजर रहे हैं, लेकिन वे पकड़े जाने से बचने के लिए अपने ट्रैकिंग ट्रांसपोंडर बंद कर दे रहे हैं, ताकि उनके ‘लोकेशन’ का पता नहीं चल सके। पिछले कुछ हफ्तों में यह मार्ग बेहद विवादित हो गया है, क्योंकि ईरान बार-बार तर्क दे रहा है कि जहाजों को उसके द्वारा स्वीकृत मार्ग का पालन करना चाहिए। ईरान वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने पर जहाजों पर देखते ही हमला कर रहा है।
सुरक्षा की इस बिगड़ती स्थिति के कारण सैकड़ों नाविक इस क्षेत्र में फंस गए हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में, अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के प्रमुख ने कहा था कि अमेरिका-ईरान दुश्मनी तेज होने के कारण लगभग 600 नाविक फारस की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
ईरान ने धमकी दी है कि यदि उसके खिलाफ और हमले किए गए तो वह इस जलमार्ग को पूरी तरह से बंद कर देगा। वहीं, अमेरिका ने जलडमरूमध्य के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय नौवहन को रोकने के किसी भी प्रयास का सैन्य रूप से जवाब देने का संकल्प लिया है, साथ ही ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी को फिर से लागू करने की धमकी दी है।
