
जबलपुर। आज राम जन्मभूमि की महिमा को घटाने और युवाओं में मंदिर के प्रति बढ़ती श्रद्धा को प्रभावित करने के लिए एक अलग नैरेटिव बनाने की कोशिश हो रही है। एक घटना को लेकर 500 सालों के 2 लाख बलिदानों को लांछित किया जा रहा है। यह सच है कि अति-विश्वास के कारण चूक हुई है और अपराध करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी, लेकिन हर आदमी प्रवक्ता बन जाए और किसी को भी लांछित करने लगे, यह बिल्कुल ठीक नहीं है। यह बातें अयोध्या राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी मामले में पहली बार राम मंदिर निर्माण आंदोलन में शामिल रहे बजरंग दल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान में मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने जबलपुर प्रवास के दौरान दिया। उन्होंने सनातनी समाज को आगाह करते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन ने जातियों के सारे बंधन और तटबंध तोडक़र पूरे हिंदू समाज को एक ध्वज के नीचे खड़ा किया था। यह एकजुटता दुनिया की आँखों में चुभ रही थी, क्योंकि सोमनाथ मंदिर के विध्वंस के बाद भारत की धरती पर पहली बार सनातनी समाज एक ध्वज के नीचे आया था, जिससे राजनीति और जातियों की दीवारें ढह गई थीं। उन्होंने उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा। चल रही एसआईटी की जांच 100 प्रतिशत अपराधियों को पकड़ेगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
