तेहरान नौ जुलाई (वार्ता) ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने गुरुवार को जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि इन मिसाइलों का निशाना उत्तरी जॉर्डन में बना अज़राक सैन्य अड्डा था। इस ठिकाने को मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस के नाम से भी जाना जाता है और ईरान के साथ संघर्ष के दौरान अमेरिकी सेना ने वहां अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति बनाई है।
आईआरजीसी ने कहा कि अगर अमेरिकी सेना अपनी आक्रामकता दोहराती है, तो क्षेत्र के अन्य अमेरिकी ठिकाने भी भारी गोलाबारी से नहीं बच पाएंगे। हालांकि, इस हमले में किसी भी तरह के नुकसान या हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
जॉर्डन सरकार के प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने सोशल मीडिया पर बताया कि ईरान की दागी सभी मिसाइलों को रोक दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि ईरानी मिसाइलों द्वारा देश के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने के बाद जॉर्डन में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। अधिकारियों ने देश की समाचार एजेंसी को बताया कि इन मिसाइलों को रोके जाने से किसी के हताहत होने या भौतिक नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
जार्डन सरकार के प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जॉर्डन के बहादुर सशस्त्र बल हाई अलर्ट पर हैं और साम्राज्य के सामने आने वाले किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं। वे देश की सुरक्षा और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने सभी प्रयास कर रहे हैं।
जॉर्डन में अमेरिकी दूतावास ने भी इस घटना को लेकर सतर्क किया है और संकेत दिया है कि वे स्थिति की समीक्षा करेंगे और आगे की जानकारी देंगे। अमेरिका ने इस देश में अपने सैनिक और विमान तैनात कर रखे हैं।
