
नई दिल्ली, कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार पर सिंगरौली में कोयला खनन के लिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है. पार्टी का कहना है कि अडाणी समूह की कंपनी स्ट्रैटाटेक मिनरल रिसोर्सेज प्रा. लि. को धिरौली कोयला ब्लॉक की मंजूरी दिलाने के लिए फर्जी ग्राम सभा कराई गईं और मृत लोगों के अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किया गया.
कांग्रेस नेता के. राजू और आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने इसे सिंगरौली फाइल्स बताया है. उन्होंने आरटीआई दस्तावेज और मृत्यु प्रमाण पत्रों का हवाला देते हुए कहा कि बृजभान सिंह, जिनकी मौत 2014 में हुई थी, और फुलेश्वरी सिंह, जिनकी मौत 2018 में हुई थी, के अंगूठे नवंबर 2021 की ग्राम सभा रजिस्टर में लगे मिले हैं. कई अन्य मृत लोगों के निशान भी इसी तरह लगाए गए. भूरिया ने कहा कि आदिवासी नेता सुमरू सिंह और सोनमती सिंह, जो पढ़े-लिखे हैं और परियोजना का विरोध कर रहे हैं, को भी रजिस्टर में अंगूठा लगाते दिखाया गया है जबकि वे हस्ताक्षर करते हैं.
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वन अधिकार कानून, पेसा कानून और भूमि अधिग्रहण कानून का उल्लंघन कर आदिवासी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों को कुचला गया. ग्राम सभा की सहमति और सामाजिक प्रभाव आकलन को दरकिनार कर कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दी गई.
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि दोषी अधिकारियों और कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो, विवादित कोयला ब्लॉक में खनन तुरंत रोका जाए और मामले की अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच कराई जाए.
