राज ठाकरे ने ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट की नाकामी और राममंदिर चंदा मामले पर फडणवीस पर साधा निशाना

मुंबई, 09 जुलाई (वार्ता) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने गुरुवार को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना के असफल होने और अयोध्या राम मंदिर के लिए मिले चंदे में बड़े घोटाले को लेकर राज्य की देवेंद्र फडणवीस सरकार पर जमकर निशाना साधा तथा बड़ी आधारभूत परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित न कर पाने का आरोप लगाया। महाराष्ट्र नवनिर्माण रेलवे कामगार सेना की सालगिरह के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में श्री ठाकरे ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना के बारे में विधानसभा में मुख्यमंत्री की हालिया टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जतायी। विपक्ष के सवालों का जवाब देते समय श्री फडणवीस के हिंदी इस्तेमाल पर तंज कसते हुए उन्होंने सवाल किया, “आप महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री हैं और इस राज्य के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे हैं। आप धमकी देने के लिए हिंदी का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं? क्या आप दिल्ली में अपनी पार्टी के आलाकमान को कोई संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं?” एमएनएस प्रमुख ने सरकार की उस आदत की भी आलोचना की, जिसके तहत वे सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर) की जायज़ आलोचना को “महाराष्ट्र का अपमान” करार देती है।

उन्होंने मुख्यमंत्री के बचाव वाले रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन “मिसिंग लिंक” प्रोजेक्ट में पानी के रिसाव और बनावट संबंधी खामियों (स्ट्रक्चरल फॉल्ट्स) को लेकर जतायी गयी चिंताओं को महज़ राजनीति बताकर खारिज कर देता है, जबकि ऐसी घटनाओं को “प्राकृतिक” करार देता है।
श्री ठाकरे ने अयोध्या के राम मंदिर में करोड़ों रुपये के दान की चोरी की खबरों को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी निशाना साधा। आरएसएस नेता दत्तात्रेय होसबोले की हालिया टिप्पणी को खारिज करते हुए (जिसमें उन्होंने घटना पर सवाल उठाने वालों को “धर्म-विरोधी” कहा था) उन्होंने कहा, “भक्तों द्वारा दान किये गए धन की चोरी पर सवाल उठाना आस्था पर हमला नहीं है। जब मंदिर के 15 में से 12 ट्रस्टी भाजपा और आरएसएस से जुड़े हैं, तो इतनी बड़ी चोरी कैसे हो सकती है?” उन्होंने कहा कि अगर ऐसी घटना के समय मौजूदा सत्तारुढ़ दल विपक्ष में होता, तो वे पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करते।

वर्ष 2008 के रेलवे भर्ती आंदोलन को याद करते हुए श्री ठाकरे ने मराठी कामगारों से सतर्क रहने का आग्रह किया। उन्होंने रेलवे परीक्षाओं में क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने का श्रेय 2008 के आंदोलन को दिया, लेकिन चेतावनी दी कि राज्य के कामगारों को मौजूदा भर्ती प्रक्रियाओं और अनुबंध आवंटन पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए। एमएनएस नेता ने पार्टी की भविष्य की राजनीतिक चालों के लिए आक्रामक रुख अपनाते हुए चेतावनी दी, “एक बार जब आप अपनी पकड़ खो देंगे, तो उसे कभी वापस नहीं पा सकेंगे। इस बात पर नज़र रखें कि किसे भर्ती किया जा रहा है और किसे रेलवे के कॉन्ट्रैक्ट मिल रहे हैं।”

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