पहली छमाही में एनसीआर में मकानों की बिक्री सात फीसदी घटी, मुंबई बना रहा सबसे बड़ा बाजार

नयी दिल्ली, 09 जुलाई (वार्ता) देश के आठ प्रमुख आवासीय बाजारों में इस साल की पहली छमाही में घरों की बिक्री में एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। नाइट फ्रैंक ने मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, अहमदाबाद, चेन्नई और कोलकाता के आंकड़ों के आधार पर गुरुवार को जारी इंडिया रियल एस्टेट रिपोर्ट में बताया कि जनवरी-जून 2026 के दौरान इन आठ शहरों में 1,71,471 आवासीय इकाइयों की बिक्री दर्ज की गयी जो पिछले साल की पहली छमाही में बिके 1,70,201 घरों की तुलना में एक प्रतिशत अधिक है। साथ ही यह पिछले 12 साल की सबसे मजबूत अर्धवार्षिक बिक्री में से एक है।

खास बात यह रही कि जहां अन्य सात शहरों में बिक्री बढ़ी है, वहीं दिल्ली-एनसीआर में सात फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिक्री में लगभग स्थिरता यह संकेत देती है कि बाजार अब अपने वर्तमान चक्र की संतृप्ति के चरण में प्रवेश कर चुका है। साल 2020 में कोरोना महामारी के कारण आयी गिरावट के बाद लगातार चार साल सुधार देखने को मिला, लेकिन अब बाजार की वृद्धि सुस्त पड़ गयी है। पिछले साल इसमें मामूली गिरावट देखी गयी थी।
इस साल की पहली छमाही में मुंबई 47,355 घरों की बिक्री के साथ देश का सबसे बड़ा आवासीय बाजार बना रहा।

यहां बिक्री में एक प्रतिशत की वृद्धि हुई। बेंगलुरु में बिक्री पांच प्रतिशत बढ़ी जिसका मुख्य कारण आईटी और प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े खरीदारों की मजबूत मांग रही। वहां 27,968 मकान बिके। पुणे में बिक्री दो प्रतिशत बढ़ी, जबकि चेन्नई, कोलकाता और अहमदाबाद में भी दो से तीन प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गयी। हैदराबाद का बाजार लगभग स्थिर रहा और केवल एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। अन्य शहरों के विपरीत दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा। यहाँ बिक्री सात प्रतिशत घटकर 24,862 इकाइयों पर आ गयी। नयी परियोजनाओं के मामले में पुणे ने 17 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि मुंबई में आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई। दूसरी ओर, एनसीआर और कोलकाता दोनों में नयी परियोजनाओं की संख्या पांच फीसदी घट गयी।

अधिकांश शहरों में नयी परियोजनाओं की संख्या बिक्री से अधिक रही जिससे अनबिके मकानों का दबाव और बढ़ गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गुरुग्राम, नोएडा और दिल्ली के प्रीमियम इलाकों में एक करोड़ रुपये से कम कीमत वाले घरों का अधिकांश स्टॉक बिक चुका है और उसकी जगह पर्याप्त नयी आपूर्ति नहीं आयी है। इसके कारण मध्यम आय वर्ग के खरीदारों के लिए उपलब्ध विकल्प लगातार कम होते जा रहे हैं।वर्तमान में एनसीआर के प्रमुख क्षेत्रों में उपलब्ध अधिकांश आवासों की कीमत दो करोड़ रुपये या उससे अधिक है, जिसके कारण बड़ी संख्या में वास्तविक खरीदार बाजार से बाहर हो रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि बिक्री घटने के बावजूद कीमतों में वृद्धि जारी रही। एक साल पहले के मुकाबले जून 2026 में फरीदाबाद और दिल्ली में आवासीय कीमतों में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।

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