ग्वालियर: विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने और आत्महत्या की घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से जीवाजी विश्वविद्यालय में ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय के सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी (सीआईएफ) सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षक, अतिथि विद्वान और कर्मचारियों ने भाग लेकर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में डॉ. तन्मय जोशी (एम्स भोपाल), डॉ. अनीता पुरी सिंह (पीजी गर्ल्स कॉलेज, भोपाल), डॉ. अमित कुमार सोनी (इंदौर) एवं विनय मिश्रा ने विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, आत्महत्या रोकथाम तथा समय पर मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने के विषय में विस्तार से अपने विचार रखे।
डॉ. तन्मय जोशी ने कहा कि किसी भी संकटग्रस्त विद्यार्थी की समय रहते पहचान और उसके साथ संवेदनशील संवाद स्थापित करना जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने बताया कि शिक्षक और कर्मचारी विद्यार्थियों के सबसे निकट होते हैं, इसलिए उनकी सतर्कता और संवेदनशीलता बेहद आवश्यक है। इस अवसर पर टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 के बारे में भी जागरूक किया गया।विशेषज्ञों ने तनाव के भावनात्मक, व्यवहारिक एवं शारीरिक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए विश्वविद्यालय परिसर में सहयोगात्मक और संवेदनशील वातावरण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।इस अवसर पर प्रभारी कुलसचिव कुलदीप सिंह चौहान, नोडल अधिकारी डॉ. साधना श्रीवास्तव, डॉ. निमिषा जादौन, सहायक कुलसचिव अमित सिसौदिया, डॉ. अंकुर श्रीवास्तव, सुशील कथुरिया, डॉ. अल्पना शर्मा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
