
नीमच। अवैध मादक पदार्थ तस्करी के मामले में एनडीपीएस कोर्ट जावद ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अफीम की खेप मंगवाने वाले मुख्य आरोपी अशोक व्यास को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस कोर्ट जावद श्री विनोद कुमार पाटीदार ने आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1 लाख 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने यह निर्णय मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), इलेक्ट्रॉनिक एवं साइबर साक्ष्यों तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनाया।
जिला एवं विशेष लोक अभियोजक श्री चंचल बाहेती ने बताया कि 8 अक्टूबर 2020 को भारत सरकार के स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की मंदसौर इकाई को गुप्त सूचना मिली थी कि नीमच से चित्तौडग़ढ़ की ओर एक सफेद रंग की मारुति स्विफ्ट कार में 3 से 4 किलोग्राम अवैध अफीम का परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर एनसीबी की टीम ने नयागांव टोल प्लाजा पर घेराबंदी कर वाहन को रोका। तलाशी के दौरान कार के डैशबोर्ड के नीचे छिपाकर रखे गए दो पैकेटों से अवैध अफीम बरामद की गई।
कार में सवार मनोहर सिंह गुर्जर एवं भारत सिंह राठौर को मौके पर गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि बरामद अफीम नीमच जिले के भगतराम गुर्जर से लाकर चित्तौडग़ढ़ निवासी अशोक व्यास को पहुंचाई जानी थी। जांच के दौरान मुख्य आरोपी मनोहर सिंह और अशोक व्यास के बीच घटना से पूर्व हुई मोबाइल बातचीत की कॉल डिटेल, सीडीआर, मोबाइल फोन से प्राप्त फोटो, धारा 65-बी के तहत इलेक्ट्रॉनिक प्रमाण पत्र तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
विवेचना के दौरान फरार रहे अशोक व्यास को बाद में गिरफ्तार कर पूरक अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने इलेक्ट्रॉनिक एवं साइबर साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की संलिप्तता सिद्ध की। न्यायालय ने आरोपी द्वारा प्रस्तुत बचाव को अस्वीकार करते हुए उसे एनडीपीएस अधिनियम की धारा 29 के तहत दोषी माना।
उल्लेखनीय है कि इसी प्रकरण में मुख्य आरोपी मनोहर सिंह गुर्जर एवं भारत सिंह राठौर को पूर्व में ही 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया जा चुका है। इस मामले में भारत सरकार के स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की ओर से प्रभावी पैरवी जिला एवं विशेष लोक अभियोजक श्री चंचल बाहेती ने की।
