तेहरान, 02 जुलाई (वार्ता) ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने अमेरिका, इजराइल और उनके सहयोगियों को किसी भी तरह की ‘गलतफहमी’ में नहीं रहने की चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान के सशस्त्र बल किसी भी हमले या खतरे का ‘कड़ा जवाब’ देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के कमांडर अब्दुल्लाही ने यह चेतावनी ईरान के दिवंगत नेता आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रमों से पहले दी है। गौरतलब है कि श्री खामेनेई 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल द्वारा शुरू किए गए हमले के पहले ही दिन मारे गये थे।
ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी बयान के अनुसार, मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने कहा, “इन ऐतिहासिक दिनों में हम ईरान के दुश्मनों, विशेष रूप से अमेरिका, इजराइल और उनके क्षेत्रीय और गैर-क्षेत्रीय सहयोगियों को चेतावनी देते हैं कि वे किसी भी गलतफहमी से बचें।”
कमांडर ने कहा कि ईरान के दुश्मनों को देश के खिलाफ किसी भी खतरे या आक्रामकता के जवाब में हमारे सशस्त्र बलों द्वारा दी जाने वाली ‘कड़ी और पछतावे से भर देने वाली प्रतिक्रिया’ को ध्यान में रखना चाहिए।कमांडर ने कहा कि ईरान की सेना देश की ‘स्वतंत्रता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता’ की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सर्वोच्च नेता की मृत्यु के बाद ईरान के नेतृत्व ढांचे के प्रति अपनी वफादारी भी दोहरायी। मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने अमेरिका-इजराइल के इस समन्वित हमले की शुरुआत में ही श्री खामेनेई के मारे जाने को एक ‘दर्दनाक त्रासदी’ बताया और कहा कि इससे ईरान का संकल्प और रक्षात्मक रुख और मजबूत होगा। उन्होंने ईरान के मिसाइल एवं ड्रोन विकास, सैन्य तैयारी और ‘प्रतिरोध की भावना’ को देश के रक्षा सिद्धांत के प्रमुख तत्व के रूप में रेखांकित किया।
कमांडर ने जनता से अंतिम संस्कार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की और इसे राष्ट्रीय एकता का प्रदर्शन बताया। वहीं, ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव ने कहा कि इस हत्या का मामला ‘अभी भी खुला है’ और जिम्मेदार लोगों को ‘सही समय पर’ इसका अंजाम भुगतना होगा। इस्लामी क्रांति के दिवंगत नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम चार से नौ जुलाई के बीच आयोजित होने वाले हैं। संस्कृति और इस्लामी मार्गदर्शन मंत्री अब्बास सालेही ने कहा कि श्री आयतुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार केवल राष्ट्र द्वारा अपने नेता को दी जाने वाली श्रद्धांजलि नहीं है, बल्कि यह ‘राष्ट्रीय शक्ति, सामाजिक एकजुटता और अपने दुश्मनों के सामने ईरान की रक्षात्मक क्षमता का प्रदर्शन’ है। श्री सालेही ने बताया कि ईरान के जाने-माने वृत्तचित्र निर्माताओं का एक समूह इस ऐतिहासिक घटना को हमेशा के लिए संजोने के लिए अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों पर एक फीचर-लेंथ डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी तैयार कर रहा है। इसके साथ ही इस ऐतिहासिक पल की तस्वीरों को बेहतरीन तरीके से सहेजने के लिए कई फोटोग्राफी अभियान भी शुरू किये गये हैं।

