
सीहोर। मानसून की दस्तक के साथ जिले में आकाशीय बिजली जानलेवा साबित हो रही है. शनिवार को जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने से दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. दोनों घटनाओं के बाद संबंधित गांवों में शोक का माहौल है. उधर, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है.
पहली घटना बिलकिसगंज थाना क्षेत्र के ग्राम लसूडिय़ा बोंदी में हुई. जानकारी के अनुसार, भरत जांगड़ा पिता देवकरण जांगड़ा और दौलत सिंह पिता नारायण सिंह खेत में फसलों पर दवा का छिड़काव कर रहे थे. इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली दोनों के ऊपर आ गिरी. हादसे के बाद परिजन दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलकिसगंज लेकर पहुंचे, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रेफर किया गया. उपचार के दौरान भरत जांगड़ा ने दम तोड़ दिया, जबकि दौलत सिंह का उपचार जारी है.
दूसरी घटना इछावर थाना क्षेत्र के ग्राम सिराड़ी में हुई. यहां राधेश्याम मालवीय के 18 वर्षीय पुत्र पवन पर आकाशीय बिजली गिर गई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पवन घर के बाहर आंगन में अपनी मां के साथ बैठकर मोबाइल चला रहा था. इस दौरान तेज गर्जना के साथ बिजली गिरने से वह गंभीर रूप से झुलस गया. परिजन उसे तत्काल सिविल अस्पताल इछावर लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बताया गया कि पवन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था. घटना के बाद इछावर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया.
जिले में बारिश का सिलसिला जारी है, लेकिन अब तक औसत वर्षा पिछले वर्ष से पीछे चल रही है. शनिवार सुबह 8 बजे तक जिले में 119.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 159.4 मिमी बारिश हो चुकी थी. शनिवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आरएके कॉलेज स्थित ग्रामीण कृषि विज्ञान सेवा केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र सिंह तोमर के अनुसार मानसून प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में सक्रिय है और अगले 24 घंटे में इसके आगे बढऩे के साथ जिले में तेज बारिश की संभावना है. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ों के नीचे या खुले स्थानों पर न रहें. सुरक्षित स्थान पर शरण लें. अनावश्यक रूप से खुले में मोबाइल का उपयोग न करें.
पहली बारिश में ग्राम मांजरकुई जलमग्र
उधर, बुधनी में विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मांजरकुई में मानसून की पहली बारिश ने जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी. गांव के कई हिस्सों में जलभराव होने से ग्रामीणों को आवागमन, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. घरों के आसपास पानी जमा होने से लोगों में संक्रामक बीमारियों का भी डर बना हुआ है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश सचिव विक्रम मस्ताल शर्मा ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से चर्चा की. ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से शिकायत पंचायत, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से करते आ रहे हैं. उनका आरोप है कि कई बार ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया. ग्रामीणों के अनुसार गांव में निर्मित नालियां बरसाती पानी की निकासी के लिए पर्याप्त नहीं हैं. उन्होंने जिला प्रशासन से गांव का सर्वे कराकर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था बनाने तथा आवश्यक सुधार कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है.
