800 बालिकाओं को रखा गया वंचित, बाजार और निजी नर्सिंग होम में 25 लाख की बेच दी एचपीवी वैक्सीन

जबलपुर: पाटन विकासखंड के बीएमओ डॉ. आदर्श विश्नोई पर किशोरियों के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई एचपीवी वैक्सीन में बड़े पैमाने पर अनियमितता और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगे हैं। कलेक्टर को की गई शिकायत के बाद मामले ने तूल पकड़ा और अब शहर में भ्रष्टाचार का ये मामला काफी सुर्खियों में बना हुआ है। जानकारी के अनुसार आरोपों को लेकर सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने डॉ. आदर्श विश्रोई को स्पष्टीकरण के लिए नोटिस कुछ दिनों पहले जारी किया था लेकिन अभी तक डॉ. विश्रोई की ओर से कोई जवाब नहीं पेश किया गया है। जिससे साफ हो गया है कि डॉ आदर्श विश्नोई ने किस दर्जे तक जाकर भ्रष्टाचारी की है।

शिकायतकर्ता विनय डेविड द्वारा कलेक्टर को 98 पन्नों की शिकायत-पत्र दस्तावेजों के अनुसार पाटन विकासखंड की करीब 800 हितग्राही बालिकाओं को उनके जीवन रक्षक टीके से वंचित रखा गया और करीब 25 लाख रुपए की 50 प्रतिशत एचपीवी वैक्सीन को खुले बाजार और निजी नर्सिंग होम में बेच दिया गया। ये पूरा कारनामा बीएमओ डॉ. आदर्श विश्रोई ने किया है। ये कोई पहला मामला नहीं है इसके कुछ दिन पहले भी समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों ने डॉ आदर्श विश्रोई पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगाए थे।
यूविन पोर्टल के रिकॉर्ड पर उठे सवाल
शिकायत के अनुसार पाटन विकासखंड की 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए गार्डासिल 4 वैक्सीन के 1589 डोज उपलब्ध कराए गए थे। आरोप है कि 800 बालिकाओं को टीके से वंचित रखा गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि यूविन पोर्टल पर फर्जी तरीके से टीकाकरण की एंट्री की गई है। आरोप ये भी है कि वास्तविक हितग्राहियों के मोबाइल नंबरों के स्थान पर एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं या अन्य नंबर दर्ज कर ओटीपी प्राप्त किए गए और बिना टीकाकरण के प्रमाण पत्र जनरेट कर लिए गए। शिकायत में ये भी दावा किया गया है कि एक ही मोबाइल नंबर पर अलग-अलग धर्म और समाज की कई बालिकाओं का पंजीयन दर्ज मिला है। इसे फर्जी डेटा एंट्री और रिकॉर्ड में हेराफेरी का प्रमाण बताया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी आधार पर शासन को 100 प्रतिशत टीकाकरण की प्रगति रिपोर्ट भेजी गई।
जांच और कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि वैक्सीन से वंचित सभी किशोरियों का तत्काल टीकाकरण कराया जाए, शेष बची वैक्सीन जब्त की जाए तथा कथित रूप से बेची गई वैक्सीन की कीमत संबंधित अधिकारियों से वसूल की जाए। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाए।
इनका कहना है
— अभी तक डॉ. आदर्श विश्रोई के खिलाफ दो शिकायतें आ चुकीं हैं। दो सदस्यीय जांच दल गठित कर दिया है। जांच दल की रिपोर्ट के अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। आरोपों को लेकर स्पष्टीकरण के लिए डॉ. विश्रोई को पत्र जारी किया गया था लेकिन अभी तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
–डॉ. नवीन कोठारी, सीएमएचओ, जबलपुर।

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