
मुंबई, 19 जून (वार्ता) रिलायंस इंडस्ट्रीज की दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म के निदेशक मंडल ने कंपनी के आईपीओ के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के प्रारूप को मंजूरी प्रदान कर दी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने यहां कंपनी की 49वीं वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए बताया कि शुक्रवार को निदेशक मंडल ने रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस के प्रारूप को मंजूरी प्रदान की और आज ही इसे सेबी के पास जमा कराया जायेगा। इस आईपीओ प्रक्रिया का नेतृत्व ईशा, आकाश और अनंत अंबानी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक समय था कि जब डाटा और वॉयस महंगा था और डाटा स्पीड कम था। जियो ने इस पूरे परिप्रेक्ष्य को बदल दिया है। पहले भारत को प्रौद्योगिकी का आयातक माना जाता था, लेकिन जियो के इंजीनियरों ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है। रिलायंस जियो इंफोकॉम के अध्यक्ष आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी उपग्रह संचार की तरफ बढ़ रही है और जियो प्लेटफॉर्म पर एआई का प्रयोग बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने जियो ग्राहकों के परिवारों के लिए एआई एजेंट्स ‘जियो टेलीफ्रेम’ के लॉन्च की भी घोषणा की जो पूरे परिवार की हर जरूरत का ध्यान रखेंगे। श्री आकाश अंबानी ने बताया कि उपग्रह संचार से दूर-दराज के इलाकों तक जियो के नेटवर्क की पहुंच संभव हो पायेगी। साथ ही, डेटा स्पीड काफी बढ़ जायेगा। इसके लिए ग्राउंड स्टेशन बनाने का काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी जियो को सच्चे मायने 5जी बनाने का लक्ष्य रखती है। साल 2030 तक सभी सबस्क्राइबर को 4जी से 5जी पर ले जाने का लक्ष्य है। भारतीय कंपनियों और छोटे कारोबारियों को सरल सेटटॉप बॉक्स के जरिये कनेक्टिविटी प्रदान की जायेगी।
