41वें जन्मदिन पर काजल अग्रवाल के संघर्ष और सफलता की कहानी चर्चा में है। बॉलीवुड में छोटी शुरुआत के बाद उन्होंने साउथ सिनेमा में ‘मगधीरा’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से पहचान बनाई।
भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री काजल अग्रवाल आज अपना 41वां जन्मदिन मना रही हैं। साउथ फिल्म इंडस्ट्री से लेकर बॉलीवुड तक अपनी अलग पहचान बनाने वाली काजल का सफर संघर्ष, मेहनत और सफलता की मिसाल रहा है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बॉलीवुड से की थी, लेकिन शुरुआती दौर में उन्हें वह पहचान नहीं मिली जिसकी उन्हें तलाश थी। बाद में साउथ सिनेमा ने उन्हें स्टार बना दिया।
19 जून 1985 को मुंबई में जन्मी काजल अग्रवाल ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट ऐन्स हाई स्कूल से पूरी की और बाद में जय हिंद कॉलेज से मास मीडिया की पढ़ाई की। बचपन से ही उन्हें अभिनय और डांस का शौक था। फिल्मों में आने से पहले वह बैकग्राउंड डांसर के रूप में काम करती थीं और मनोरंजन जगत में अपनी जगह बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही थीं।
ऐश्वर्या राय की बहन बनकर किया बॉलीवुड डेब्यू
साल 2004 में काजल ने फिल्म ‘क्यों हो गया ना’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में उन्होंने ऐश्वर्या राय की छोटी बहन का किरदार निभाया था। हालांकि उनका रोल छोटा था और दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने तमिल फिल्म इंडस्ट्री की ओर रुख किया और अपने करियर को नई दिशा दी।
मगधीरा ने बदल दी किस्मत
साल 2007 में उन्होंने तेलुगु फिल्म ‘लक्ष्मी कल्याणम’ से डेब्यू किया, लेकिन असली सफलता उन्हें ‘चंदामामा’ और फिर 2009 में रिलीज हुई एसएस राजामौली की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मगधीरा’ से मिली। इस फिल्म ने उन्हें साउथ सिनेमा की टॉप अभिनेत्रियों की कतार में ला खड़ा किया। इसके बाद उन्होंने ‘टेम्पर’, ‘मारी’ और कई सुपरहिट फिल्मों में काम कर अपनी मजबूत पहचान बनाई।
सिंघम से बॉलीवुड में शानदार वापसी
साउथ में सफलता हासिल करने के बाद काजल अग्रवाल ने 2011 में सिंघम के जरिए बॉलीवुड में धमाकेदार वापसी की। फिल्म में उनके साथ अजय देवगन नजर आए थे। फिल्म सुपरहिट साबित हुई और काजल को हिंदी दर्शकों के बीच भी लोकप्रियता मिली। इसके बाद उन्होंने स्पेशल 26, दो लफ्जों की कहानी और मुंबई सागा जैसी फिल्मों में काम किया।
