
इटारसी। मध्यप्रदेश विद्युत मंडल द्वारा आज सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक की गई बिजली कटौती से आम नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों एवं मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली बंद रहने से पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत गुड्डन पाण्डेय ने कहा कि मध्यप्रदेश विद्युत मंडल की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है। भीषण गर्मी के इस दौर में जब लोगों को सबसे अधिक बिजली की आवश्यकता है, तब घंटों बिजली बंद कर देना जनता के साथ अन्याय है। यदि मेंटेनेंस कार्य आवश्यक था तो उसकी पूर्व सूचना व्यापक रूप से दी जानी चाहिए थी। बिजली केवल सुविधा नहीं बल्कि आज के समय में मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है। बिजली बंद होने से पेयजल व्यवस्था प्रभावित होती है, विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती है, छोटे व्यापारियों का आर्थिक नुकसान होता है और मरीजों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जनता आज भी अघोषित बिजली कटौती से त्रस्त है। करोड़ों रुपये खर्च करने और लगातार मेंटेनेंस के दावों के बावजूद यदि बिजली व्यवस्था सुधर नहीं रही है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। जनता बिजली का पूरा बिल समय पर जमा करती है, इसलिए उसे निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलना उसका अधिकार है। नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कन्हैया गोस्वामी ने कहा कि इटारसी की जनता पिछले कई वर्षों से बिजली कटौती की समस्या झेल रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर विषय पर मौन बने हुए हैं। वर्षभर मेंटेनेंस के नाम पर बिजली बंद की जाती है, करोड़ों रुपये खर्च होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन हर गर्मी के मौसम में वही पुरानी समस्याएं सामने आ जाती हैं। इससे स्पष्ट है कि व्यवस्थाओं में कहीं न कहीं गंभीर खामियां हैं। उन्होंने कहा कि आज सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक हुई बिजली कटौती ने आम नागरिकों को परेशान कर दिया। घरों में पानी की समस्या खड़ी हो गई, व्यापारियों का कामकाज प्रभावित हुआ, छोटे उद्योगों को नुकसान हुआ और भीषण गर्मी में लोग परेशान होते रहे। जनता यह जानना चाहती है कि जब नियमित रूप से मेंटेनेंस किया जा रहा है तो बार-बार बिजली बंद करने की नौबत क्यों आ रही है। कन्हैया गोस्वामी ने कहा कि शहर के नागरिक बिजली का बिल समय पर जमा करते हैं, फिर भी उन्हें बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। यदि अघोषित बिजली कटौती और अव्यवस्थाओं पर शीघ्र रोक नहीं लगाई गई तो नगर कांग्रेस जनता के साथ मिलकर विद्युत विभाग के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। जनता की परेशानियों पर राजनीति नहीं, बल्कि समाधान होना चाहिए और कांग्रेस इसी उद्देश्य के साथ जनता की आवाज बुलंद करती रहेगी।
