आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक: क्या इस बार रेपो रेट में होगा बदलाव? 3 जून से शुरू हो रही बैठक पर टिकी हैं सबकी नजरें

नई दिल्ली | भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक आगामी 3 जून से शुरू होने जा रही है। बाजार विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए आरबीआई इस बार भी रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है। गवर्नर की अध्यक्षता वाली समिति 5 जून को अपने अंतिम निर्णयों की घोषणा करेगी, जिसका असर आम जनता की ईएमआई पर पड़ सकता है।

वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण आरबीआई सतर्क रुख अपना रहा है। हालांकि चालू तिमाही में खुदरा महंगाई दर नियंत्रित रहने का अनुमान है, लेकिन एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी तिमाहियों में यह फिर से 5 प्रतिशत के पार जा सकती है। इसी दबाव के चलते केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी करने से बच रहा है ताकि आर्थिक स्थिरता बनी रहे।

आर्थिक शोध रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत के मजबूत स्तर पर रहने की संभावना है, जबकि अगले वित्त वर्ष में इसके 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। विशेषज्ञों का मानना है कि दरों को यथावत रखते हुए भी आरबीआई ‘ऑपरेशन ट्विस्ट’ जैसे अन्य नीतिगत उपकरणों के जरिए बाजार में नकदी और बॉन्ड यील्ड को संतुलित करने का प्रयास कर सकता है। आगामी निर्णय पूरी तरह से वैश्विक आंकड़ों और भारत की आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेंगे।

Next Post

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में: दिल्ली में आज से शुरू होगी चार दिवसीय उच्च स्तरीय वार्ता, सौदे को मिलेगा अंतिम रूप

Mon Jun 1 , 2026
नई दिल्ली | भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए आज से राजधानी दिल्ली में चार दिवसीय उच्च स्तरीय वार्ता शुरू हो रही है। अमेरिकी मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचा है, जबकि भारतीय दल का नेतृत्व […]

You May Like