श्योपुर: आर्य समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने नारेबाजी कर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। इसमें जयप्रकाश आर्य के खिलाफ दर्ज मारपीट और एससी-एसटी एक्ट के मामले को झूठा बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की गई।ज्ञापन में बताया गया कि वार्ड क्रमांक 12 निवासी जयप्रकाश आर्य, जो पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय के वाहन चालक हैं, उनके साथ सुमित सिंघल, राजू सिंघल, आशीष सिंघल और अन्य लोगों ने जातिगत अपमान करते हुए मारपीट की थी। इस संबंध में कोतवाली श्योपुर थाने में एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
आर्य समाज ने आरोप लगाया है कि मूल प्रकरण दर्ज होने के बाद से लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। समाज के सदस्यों का कहना है कि राजनीतिक प्रभाव का उपयोग करते हुए जयप्रकाश आर्य के खिलाफ पलटवार के रूप में अपराध दर्ज कराया गया है, जबकि वे निर्दोष हैं।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली और दबंग प्रवृत्ति का है, जिससे प्रार्थी और उसके परिवार को जान का खतरा बना हुआ है। आर्य समाज ने पुलिस अधीक्षक से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने, झूठे प्रकरण को निरस्त और प्रार्थी को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
