भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस से जुड़े वरिष्ठ ब्राह्मण नेताओं ने ब्राह्मण समाज को पुनः कांग्रेस से जोड़ने के प्रयास तेज करने का संकल्प लिया है। नेताओं ने चिंता व्यक्त की कि सार्वजनिक और राजनीतिक विमर्श में ब्राह्मण समाज की लगातार उपेक्षा और हाशिए पर धकेले जाने की स्थिति गंभीर होती जा रही है।इस विषय पर 25 मई को भोपाल में पूर्व विधायक रवि जोशी के निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने की। इसमें कांग्रेस से जुड़े अनेक वरिष्ठ ब्राह्मण नेता और सामाजिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में पी.सी. शर्मा, रवि जोशी, चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी, रामराज तिवारी, गणेश तिवारी, बृजमोहन तिवारी, अखिलेश सिंह तिवारी, अशोक शर्मा, संगीता शर्मा, रजनी दुबे, महेश दुबे, जे.पी. गौड़, एल.के. पाण्डेय, संतराम दुबे, वीरेन्द्र बड़गैंया, जितेन्द्र मिश्रा तथा रामगोपाल पाण्डेय सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि समावेशी समाज में जाति, धर्म, लिंग, आयु अथवा आर्थिक स्थिति के आधार पर किसी भी वर्ग की उपेक्षा नहीं होनी चाहिए और सभी को समान सम्मान, अधिकार तथा अवसर मिलना चाहिए। उनका कहना था कि पिछले कुछ दशकों में ब्राह्मण समाज को सामाजिक और राजनीतिक रूप से उपेक्षा का सामना करना पड़ा है तथा ऐतिहासिक असमानताओं और सामाजिक विसंगतियों का दोष भी अनुचित रूप से इस वर्ग पर मढ़ा जा रहा है।
नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य न तो किसी प्रकार का ब्राह्मणवाद स्थापित करना है और न ही कोई विशेषाधिकार प्राप्त करना। उन्होंने समाज और राजनीति में ब्राह्मण वर्ग की सम्मानजनक भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।बैठक में लोकसभा और विधानसभा स्तर पर कांग्रेस के ब्राह्मण नेताओं की बैठकें आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। युवाओं को जोड़ने तथा सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर कांग्रेस के जनाधार को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक के अंत में उपस्थित नेताओं ने संकल्प लिया कि ब्राह्मण समाज को कांग्रेस से जोड़ने और पार्टी की भविष्य की चुनावी सफलता में योगदान देने के लिए संगठित रूप से कार्य किया जाएगा।
