सलकनपुर। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगा दशहरा पर आंवलीघाट पर जिला स्तरीय जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम मेंजिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई.
प्रभारी मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि जल सृष्टि का आधार है और बिना जल के जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती. जल ही जीवन को संतुलन और समृद्धि प्रदान करता है. यदि आज जल संरक्षण के प्रति गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो आने वाली पीढिय़ों को जल संकट जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. इसलिए जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है. गांव तथा नगरों में नदी, तालाब, बावड़ी, कुएं और पोखरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है. जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में जन आंदोलन बन गया है और इसके सार्थक परिणाम दिखाई दे रहे हैं. प्रभारी मंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए पर्यावरण एवं जल का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है. वर्षा जल को अधिक से अधिक रोककर धरती के भीतर पहुंचाने के प्रयास किए जाने चाहिए.कार्यक्रम के आरंभ में प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने मां नर्मदा की पूजा अर्चना की तथा कलश यात्रा में शामिल हुईं. कार्यक्रम के समापन अवसर पर उन्होंने उपस्थित नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई.
कार्यक्रम के दौरान मीडिया ने क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी के विरोध में वरिष्ठ भाजपा नेता आशाराम यादव के जिला विकास समिति से त्यागपत्र दिए जाने के संबंध में पूछा तो प्रभारी मंत्री ने उक्त संबंध में पार्टी हाई कमान वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराने का आश्वासन दिया. कार्यक्रम में पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह राजपूत तथा जिला पंचायत सीईओ सर्जन यादव ने संबोधित किया. इस मौके पर जनपद अध्यक्ष महेंद्र शर्मा, रेहटी नप अध्यक्ष राजेंद्र मीना पटेल, कलेक्टर बालागुरु के, एसपी सोनाक्षी सक्सेना, वन मंडलाधिकारी अर्चना पटेल, ट्रस्ट अध्यक्ष महेश उपाध्याय, लिखीराम यादव, अरविंद दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, समाजसेवी व नागरिक मौजूद थे.
