नयी दिल्ली, 12 मई (वार्ता) आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि इस समय देश की अर्थव्यवस्था कैसी है और एक साल बाद अर्थव्यवस्था कैसी रहने वाली है।
श्री केजरीवाल ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पश्चिम एशिया संकट का प्रभाव दुनिया भर में है लेकिन प्रधानमंत्री ने जिस प्रकार देशवासियों से सात आह्वान किया है उस प्रकार के कदम किसी देश ने नहीं उठाये।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो सारे कदम उठाये हैं उससे मध्यम वर्ग प्रभावित हुआ है। प्रधानमंत्री ने सिर्फ मध्यम वर्ग से ही कुर्बानी देनी की अपील की है जो बहुत दुखद है। अगर सबसे अधिक कुर्बानी देनी थी तो सरकार को अपने खर्चों में कटौती करनी चाहिए थी लेकिन उसने कोई कटौती नहीं की है।
उन्होंने कहा कि देश के लिए जो भी करने की जरूरत है सब करने के लिए तैयार हैं लेकिन सिर्फ मध्यम वर्ग को निशाना न बनाया जाये।
श्री केजरीवाल ने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि नीट पेपर लीक लोगों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि अब तक चार बार नीट पेपर लीक हो चुका है। इससे साबित होता है कि बड़े स्तर पर कोई मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि जो पेपर लीक नहीं रोक सकते हैं वह सरकार क्या चलायेंगे। सरकार लाखों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने सरकार के खिलाफ जन आंदोलन के करने के लिए सड़कों पर उतरने का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए मेट्रो, इलेक्ट्रिक बसों और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग का आग्रह किया। साथ ही कार-पूलिंग, वर्चुअल मीटिंग्स और वर्क-फ्रॉम-होम को बढ़ावा देने की भी अपील की। उन्होंने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए खाद्य तेल की खपत कम करने तथा संकट के समय सोने की खरीद टालने का भी आग्रह किया।
